बांदा। शहीदे आजम भगत सिंह के आदर्शों पर चलने वालों
को देशद्रोही घोषित करके उनका दमन शुरू करने पर वामपंथी दलों नेताओं ने
कड़ा विरोध जताया है। कताई मिल मजदूर मोर्चा की गेट मीटिंग में यह मुद्दा
छाया रहा।
सोमवार को मीटिंग में भाकपा (माले) के बुंदेलखंड प्रभारी
मजदूर नेता रमेश सिंह सेंगर ने कहा कि आज कुछ वही लोग शहीदों के आदर्शों पर
चलने वालों को देशद्रोही बता रहे हैं जिनकी भूमिका आजादी के आंदोलन में
संदिग्ध रही है।
उन्हाेंने कहा कि बुंदेलखंड मेें अकाल जैसे हालात
हैं। सरकारें खामोश हैं। मोदी सरकार ने पूंजीपतियों के कर्ज माफ कर दिए।
किसानों के नहीं। बांदा की कताई मिल चालू करने और किसानों के कर्ज माफ करने
की मांग की।
मोर्चा की राम प्रवेश यादव ने कहा कि इस संकट के दौर
मेें मिल चालू होने से मजदूरों को काफी राहत मिलेगी। ऐसा नहीं किया गया तो
चुनाव में सबक सिखाया जाएगा।
संचालन भगवती प्रसाद और अध्यक्षता
राजबहादुर ने की। शिव कुमार मिश्रा, अशोक पांडेय, रामनरेश, सुंदरलाल आदि
शामिल रहे। इस अवसर पर मोर्चा का चुनाव हुआ।
21 सदस्यीय
कार्यकारिणी में राम प्रवेश यादव को पुन: अध्यक्ष चुना गया। 23 फरवरी को
मंडलायुक्त कार्यालय में धरने पर बैठने की घोषणा की गई।