बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि प्रसार विभाग में तीन दिवसीय कृषि उत्पादक संगठनों का प्रशिक्षण हुआ। आयोजन नाबार्ड के सहयोग से मानवोदय संस्थान ने किया।
इसमें किसानों की सारी जरूरतें गांवों में आसानी से पूरी होने समेत किसानों को कृषक उत्पादक संगठन के कार्यों के बारे में बताया गया। व्यवसाय का चयन कर बाजार से जोड़ने के गुर बताए गए।
डीडीएम (नाबार्ड) संदीप कुमार ने कहा कि एफपीओ से गांव स्तर पर क्रियाकलाप किए जाएंगे। जिससे किसानों की सारी जरूरतें गांव में ही आसानी से पूरी हो सकें। इसलिए प्रशिक्षण के जरिए किसानों को इसके फायदे व तरीके बताए जाएंगे। एफपीओ सभी किसानों के लिए लाभकारी है।
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक राजीव आनंद ने कहा कि बैंक संबंधी ऋण योजनाओं के बारे में बताया। एफपीओ की हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। कृषि प्रसार विभागाध्यक्ष डा. मुकुल कुमार ने कहा कि किसान खेती में आधुनिक तरीका अपनाकर आगे बढ़ें। प्रशिक्षण में मन लगाएं और दूसरे किसानों को भी फायदे बताएं।
संस्थान सचिव वीके त्रिपाठी ने बताया कि भारत सरकार की मंशा के मुताबिक 10 कृषक उत्पादन संगठनों का गठन किया गया था। ये 2019 से कार्य कर रहे हैं। एफपीओ निदेशकों को और सक्रिय करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कुछ कृषक उत्पादक संगठनों ने व्यवसाय भी शुरू कर दिए हैं।
चावल की ब्रांडिंग व पैकिंग कर बाजार में बेचा जा रहा है। शुद्ध घी व सब्जी उत्पादन भी प्रमुख है। इस मौके पर रविशंकर, सत्यप्रकाश, मनोरमा, कुलदीप, राममिलन, लीलावती व बद्री प्रसाद समेत उत्पादन संगठनों से जुड़े किसान मौजूद रहे।