जीआरपी थाने का निरीक्षण करते आईजी एके एंटनी।
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बांदा। रेल यात्री भी अब ‘100’ नंबर डायलिंग सुविधा से लैस हो जाएंगे। ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर उन्हें सुरक्षा हासिल करने के लिए यह सेवा शुरू की जा रही है। ये जानकारी रेलवे पुलिस के महानिरीक्षक (इलाहाबाद जोन) एलबीएन टोनी देव कुमार ने दी। शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक बांदा में थे। उन्होंने जीआरपी थाने का मुआयना किया। कांस्टेबिलों के साथ गोष्ठी कर उनकी समस्याएं जानीं। छह सिपाहियों ने अपने तबादले की अर्जी दी। कुछ ने अन्य विभागीय समस्याएं बताईं। महानिरीक्षक ने जीआरपी जवानों से कहा कि उन्हें पूरा सहयोग और सुविधा मिलेगी। बशर्ते ड्यूटी में लापरवाही या अनुशासनहीनता न हो। आईजी ने जवानों और पुलिस अफसरों से कहा कि यात्रियों के साथ शालीनता से पेश आएं। जरूरत पड़ने पर उनकी पूरी मदद करें। ताकि जीआरपी की छवि धूमिल न हो।
मीडिया से बातचीत में श्री टोनी ने बताया कि जल्द ही जीआरपी थानों को ‘100’ नंबर डायलिंग सुविधा से जोड़ दिया जाएगा। यात्री प्लेटफार्म या ट्रेन से इस नंबर पर काल करके किसी भी घटना या आपातकालीन अवस्था में पुलिस की मदद हासिल कर सकेंगे। आरपीएफ और जीआरपी में आपसी सामंजस्य न होने के सवाल पर महानिरीक्षक ने इसे गलत बताया। कहा कि दोनों ही विभाग एक हैं। अलबत्ता ड्यूटियां अलग-अलग हैं। उन्होंने स्वीकारा कि कुछ घटनाओं में जीआरपी जवानों की संलिप्तता पाई गई थी। उन पर कार्रवाई की गई है। महानिरीक्षक ने बताया कि मानिकपुर और कर्वी जीआरपी थानों में बैरिक बनवाए जाएंगे। निरीक्षण के समय जीआरपी पुलिस अधीक्षक (झांसी) सतेंद्र कुमार, स्थानीय थानाध्यक्ष इंद्रमोहन बड़ोला और बांदा शहर पुलिस उपाधीक्षक प्रभात कुमार व आरपीएफ थानाध्यक्ष चंद्रशेखर रजक उपस्थित रहे।