बांदा। डाक विभाग की सेवाओं में विस्तार करने की मंशा से केंद्र सरकार की पहल पर इसे आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन) से भी जोड़ दिया गया है। अब डाकघरों में रेलवे के टिकट भी बुक हो सकेंगे। हालांकि लागू नई सेवा पर डाकघरों में स्टाफ की कमी आड़े आ रही है। स्थानीय नागरिकों को इस नई सेवा का फिलहाल फायदा नहीं मिल पा रहा है।
इस सेवा को लागू करने का मकसद रेलवे स्टेशन के काउंटरों पर भीड़ का दबाव कम करना है। डाकघर या उप डाकघरों में जाकर लोग अपना रेलवे टिकट बुक करा सकें। आईआरसीटीसी ने बाकायदा डाकघरों को आईडी और पासवर्ड भी जारी कर दिया है। इसके लिए कुछ कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया गया है।
वहीं, फिलहाल यहां यह सेवा धरातल पर उतरती नजर नहीं आ रही। स्टाफ की कमी, सर्वर आदि की समस्याएं गिनाते हुए डाक विभाग में यह सेवा अब तक चालू नहीं हो सकी। लोगों को टिकट बुक कराने के लिए रेलवे स्टेशन काउंटरों पर लाइन लगाना पड़ रहा है।
प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर आरके विश्वकर्मा ने बताया कि डाक सप्ताह के दौरान यह नई सेवा मंजूर हुई थी। कुल 26 उप डाकघर हैं। अभी प्रधान डाकघर सहित दो उप डाकघर कचहरी व छोटी बाजार शाखा को मात्र आईडी व पासवर्ड जारी हुआ है। लेकिन इस सेवा में स्टाफ की कमी आड़े आ रही है। उप डाकघरों में स्वीकृत तीन पद हैं, लेकिन ज्यादातर एक कर्मी के सहारे हैं।
प्रधान डाकघर में 23 पद, तैनात हैं मात्र आठ कर्मी
रेलवे टिकट बुक करने की मंजूरी के अलावा लगभग दो माह पहले डाक विभाग को बिजली बिल, पानी बिल, मोबाइल रिचार्ज आदि सेवा देने के भी आदेश हैं। लेकिन ये सेवाएं भी सिर्फ कागजों में सीमित होकर रह गई हैं। प्रधान डाकघर पोस्टमास्टर ने बताया कि कम स्टाफ होने से काम का बोझ ज्यादा है। इसलिए अतिरिक्त सेवाएं दे पाने में मजबूरी हो रही है। प्रधान डाकघर में स्वीकृत 23 पद हैं। लेकिन मौजूदा में आठ कर्मी कार्यरत हैं। 13 पोस्टमैन में मात्र दो तैनात हैं। कम स्टाफ के बावजूद किसी तरह काम चलाया जा रहा है।