खाद्य सुरक्षा विभाग और व्यापारियों को समझाते पुलिस अधिकारी।
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शहर के व्यस्त नजरबाग बाजार में शुक्रवार को खाद्य वस्तुओं के नमूने ले रही खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम को व्यापारियों ने एकजुट होकर घेर लिया। मनमानी के आरोप लगाए। हालात की नजाकत जानकर विभाग की टीम कोतवाली आ गई। यहां बड़ी संख्या में व्यापारियों का भी जमघट हो गया। देर शाम तक कोतवाली में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे। खाद्य सुरक्षा टीम का कहना था कि उनके वाहन से व्यापारियों ने जबरन सैंपुल छीन लिए हैं। वह इसकी रिपोर्ट लिखाएंगे।
त्योहारी सीजन में खाद्य एवं सुरक्षा विभाग खाद्य वस्तुओं के नमूने ले रहा है। यह अभियान कई दिनों से चल रहा है। शुक्रवार को दोपहर बाद मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार जायसवाल की अगुवाई में विभागीय टीम ने नजरबाग में स्थित लोकनाथ अग्रवाल व कुमारलाल की किराना दुकानों और कटरा में बोड़ेराम की दुकान के नमूने भरे। दुकानदारों का कहना था कि टीम मनमानी करके उत्पीड़न कर रही है।
यह सूचना व्यापार मंडल को पहुंच गई। कुछ ही देर में व्यापारी नेता नजरबाग पहुंच गए और टीम को घेर लिया। टीम द्वारा लिए गए नमूने उनके वाहन से उतार लिए। टीम भागकर कोतवाली पहुंची। यहां व्यापारी भी पहुंच गए। व्यापारियों ने खाद्य सुरक्षा विभाग के विरुद्ध नारे लगाए। नवागंतुक कोतवाली प्रभारी एके सिंह ने दोनों पक्षों को शांत किया। व्यापारी नेता चले गए। खाद्य विभाग की टीम देर रात तक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहकर डटी रही।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी का कहना था कि उनके छीने गए नमूने वापस न किए गए तो रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। उधर, देर शाम कोतवाली प्रभारी एके सिंह ने बताया कि व्यापारियों और खाद्य विभाग के अधिकारियों के बीच समझौते की बात चल रही है। किसी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी। व्यापारियों के जत्थे में उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष सत्यप्रकाश सराफ सहित व्यापारी नेता मनोज जैन, रजत सेठ, अमित सेठ भोलू, मोती इत्यादि शामिल रहे। खाद्य टीम में खाद्य अधिकारी अनिल कटियार, सर्वेश, नागेश और डा.सौरभ उत्तम शामिल थे।