बाल मजदूरी रोकने के लिए प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। चार दिन पूर्व रोड लाइट उठाने की मजदूरी करने वाले तीन बच्चों की ट्रैक्टर ट्राली पलटने से मौत हो गई थी। शुक्रवार की सुबह एक बार फिर उसी तरह के हादसे की पुनरावृत्ति हो गई। इस बार एक सफाई कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि पंद्रह बच्चे घायल हो गए।
ये बच्चे बारातों में चलने वाली रोड लाइट उठाने की मजदूरी करने चित्रकूट गए थे। सभी बाल मजदूरों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। उधर, दूसरी घटना में अज्ञात वाहन की चपेट में आकर अधेड़ की मौत हो गई।
सोमवार को चिल्ला क्षेत्र के डिघवट गांव के पास रोड लाइट उठाने वाले बाल मजदूरों से भरी ट्रैक्टर ट्राली पलट जाने से उस पर सवार 3 बच्चों की मौत हो गई थी। हादसे में 12 अन्य लोग घायल हो गए थे। उसी तरह की दूसरी घटना शुक्रवार को सुबह हुई।
चित्रकूट जनपद के पथरौड़ी गांव से बारात निपटाकर लौट रही बाल मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली तुर्रा गांव में बरमबाबा के नजदीक खड्ड में जाकर पलट गई। हादसा चालक को झपकी आने से हुआ। ट्राली में रखे जनरेटर के नीचे दबकर सिविल लाइन (अतर्रा) निवासी ददुआ (25) पुत्र परदेसी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्राली पर सवार रोड लाइट उठाने वाले 15 बाल मजदूर घायल हो गए।
रोड लाइट मालिक राजू मौके से भाग निकला। पूर्व चेयरमैन कल्लूराम जाटव व सपा नेता आशीष गौतम ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को सीएचसी पहुंचाया। एक अन्य घटना में शांति धाम स्कूल के पास पुलिस ने अज्ञात अधेड़ का शव बरामद किया। उसके जिस्म पर गंभीर चोटें थीं। पुलिस के मुताबिक गुरुवार की रात किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।