ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से जा टकराई आल्टो कार।
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वसंत पंचमी पर पैतृक गांव में तिलक से घर लौट रहे पूर्व फौजी और उनकी प्रधानाध्यापक पत्नी सहित बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार के तीन सदस्यों के खात्मे पर कोहराम मच गया। मेडिकल कालेज में देर रात तक परिजनों और परिचितों का पहुंचना जारी था।
घटना रविवार को रात लगभग 8 बजे की है। पूर्व सैनिक दयाराम (50) अपनी आल्टो कार से पत्नी कमलेश कुमारी (44) और इकलौते बेटे आशुतोष (24) के साथ वसंत पंचमी पर बांदा शहर से लगभग 30 किलोमीटर कलक्टर पुरवा (नरैनी) गए थे। वहां भतीजे का तिलक समारोह था। देर शाम तीनों बांदा लौट रहे थे। कार बेटा आशुतोष चला रहा था। गांव से लगभग 5 किमी चलने के बाद गिरवां थाना क्षेत्र के कच्ची सड़क के नजदीक सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्राली के पीछे तेज रफ्तार कार जा टकराई।
ट्रैक्टर का टायर बर्स्ट हो जाने पर चालक इसे खड़ा करके कहीं चला गया था। ट्राली पर पुआल लदा हुआ था। भिड़ंत इतनी जबरदस्त हुई कि कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। चालक आशुतोष सहित उसके पिता और माता गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आसपास के गांव वालों की सूचना पर यूपी-100 पुलिस पहुंच गई और तीनों को कार से निकालकर अपने वाहन में मेडिकल कालेज लाई। इलाज शुरू हुआ ही था कि एक के बाद एक तीनों ने दम तोड़ दिया। सबसे पहले कमलेश कुमारी की मौत हुई। फिर पुत्र आशुतोष और पति दयाराम ने दम तोड़ा।
कमलेश कुमारी यहां महोखर गांव (बड़ोखर ब्लाक) के जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक थीं। कई वर्षों से यहां तैनात थीं। पति दयाराम कुछ वर्ष पूर्व फौज से रिटायर हुए थे। उनका पैतृक गांव कलक्टर पुरवा है। यहां से लौटते समय यह हादसा हुआ। बेटा आशुतोष एकलव्य महाविद्यालय (दुरेड़ी, बांदा) में बीएड द्वितीय वर्ष का छात्र था। पूरा परिवार बांदा शहर में डीएम कालोनी डॉयट के पास खुद के मकान में रहता था। उधर, गिरवां थानाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद ट्रैक्टर मालिक और चालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।