जुमा की नमाज खत्म होने पर बांदा की नवाबी जमा मस्जिद से निकलते नमाजी।
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बांदा। रमजान माह का दूसरा अशरा खत्म होने को है। रविवार से तीसरा और आखिरी अशरा शुरू हो जाएगा। इसी अशरे में मस्जिदों में एतिकाफ होता है। कुछ लोग मस्जिद में ही अपना डेरा डाल देते हैं। ईद का चांद देखकर वापस घर लौटते हैं। उधर, तीसरे जुमा पर भी मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ रही। अगला जुमा (शुक्रवार) अलविदा होगा।
शुक्रवार को 18 रोजे पूरे हो गए। अब दूसरे अशरे को मात्र दो दिन बचे हैं। ईद की तैयारियों ने तेजी पकड़ ली है। बाजार और खासकर पकड़े की दुकानों में देर तक खरीद फरोख्त हो रही है। यह सिलसिला अब दिन बदिन बढ़ेगा। इफ्तार पार्टियों का भी क्रम जारी है।
इफ्तार पार्टियां सांप्रदायिक सौहार्द को भी बढ़ावा दे रही हैं। सामूहिक इफ्तार में रोजदारों के साथ हिंदू और अन्य धर्मों के लोग भी शरीक हो रहे हैं। कई स्थानों पर हिंदू भाई रोजदारों को इफ्तार करा रहे हैं। 26 जून को 20 वें रोजे की शाम से सभी मस्जिदों मेें एतिकाफ शुरू हो जाएगा।
10 दिन तक मस्जिद में रहने वाले को मोतकिफ कहा जाता है। यह ईद का चांद देखकर ही मस्जिद के बाहर कदम निकालेंगे। आखिरी अशरे में ही रमजान की 21, 23, 25, 27 और 29वीं रात को शब्रे कद्र होती है। इस रात लोग रात भर इबादत करते हैं।