इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की कालूकुआं शाखा में काउंटर पर लगी लाइन।
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कोहरे और हाड़ कंपाऊ ठंड में कई-कई घंटों लाइनों में ठिठुरते रहे खाताधारकों और जरूरतमंदों पर भी बैंक कर्मचारी नहीं पसीजे। कैश की किल्लत का रोना रोकर कहीं आधा-अधूरा तो कहीं सिर्फ कोरा आश्वासन देकर चलता कर दिया। कचहरी स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में अंधेरगर्दी और मनमानी पर कोई लगाम नहीं लगी। स्टेट बैंक के प्रति लोगों में रोष और नफरत है।
बुधवार को तड़के से ही घना कोहरा और बर्फीली हवाओं के बीच शहर और जिले के सभी बैंकों और एटीएम में लाइनें लग गईं। एक दिन पहले छह दिसंबर को छुट्टी होने से बुधवार को बैंक खुलने पर भीड़ कुछ ज्यादा रही, लेकिन बैंकों ने अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए। बैंक परिसर में स्थित एटीएम में भी धांधली रही। कुछ लोग कई-कई एटीएम कार्ड से कैश निकालते रहे। उधर, बैंक के बाहर लंबी लाइन रही। चहेतों और जाने-पहचाने चेहरों को बिना बारी के अंदर दाखिला और कैश मिलता रहा। आम लोग जिनमें महिलाएं भी थीं कई-कई घंटे बाहर लाइन में ठंड से ठिठुरती रहे।
उधर, कलेक्ट्रेट से चंद कदम दूर स्थित नेशनल हाइवे किनारे इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की कनवारा ब्रांच में भी अव्यवस्थाओं और बैंक कर्मियों की मनमानी का बोलबाला रहा। परेशान खाता धारकों ने सामूहिक हस्ताक्षरों से डीएम को दी शिकायती पत्र में कहा कि वे हफ्ते भर से पूरा दिन लाइन में लगे रहते हैं। शाम को नंबर आने पर कैश न होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। कई घरों में शादियां हैं। बच्चों की फीस नहीं दे पा रहे।
डीएम ने एलडीएम को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं में रामऔतार, नंद किशोर, दिलीप कोरी, बरातीलाल, विष्णुदत्त, कमलेश, जुबैदा खातून भी शामिल रहे। उधर, मोहनपुरवा गांव के पूर्व प्रधान ने बताया कि वे कनवारा ब्रांच में बुधवार को दोपहर 1:30 बजे से लाइन में लगे रहे। उन्होंने 4000 रुपये का बाउचर भरा। बैंक से टोकन मिल गया, लेकिन शाम 4:30 बजे के बाद 2000 रुपये दिए गए। उसका भतीजा बीमार है। इलाज के लिए कानपुर लेकर जाना है।