नरैनी (बांदा)। ब्लॉक कार्यालय परिसर स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सीएलएफ भवन की छत पर बारिश के पानी और सामान के बीच राष्ट्रीय ध्वज रखे होने की तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल तस्वीर की पुष्टि नहीं करती है।
मामले में ब्लॉक मिशन प्रबंधक अखिलेश कुमार ने बताया कि छत पर रखे तिरंगे वितरण के बाद बचे हुए और खराब थे। इन्हें अलग रखवाया गया था। उन्होंने बताया कि एनआरएलएम के आठ समूहों की महिलाओं ने करीब 30 हजार तिरंगे तैयार किए थे। महिलाओं ने 14 अगस्त को तैयार किए गए झंडे जमा किए थे जिन्हें बाद में ग्राम पंचायतों में वितरित कर दिया गया। कुछ झंडे खराब थे, जिन्हें अलग रखवा दिया गया था।
ब्लॉक मिशन प्रबंधक के अनुसार 21 अगस्त को बारिश के कारण सीएलएफ भवन की छत से पानी टपकने लगा था। इससे वहां रखा सामान भीग गया। इसके बाद तिरंगों के साथ गद्दे, तकिया और अन्य सामान को खुले स्थान पर सुखाने के लिए छत पर रख दिया गया था। इसी दौरान किसी ने छत पर रखे सामान और तिरंगों की तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी।