बांदा। अधिकारियों ने टीमें गठित कर सोमवार को स्कूली वाहनों की जांच की। किसी में सीसीटीवी कैमरे गायब मिले तो किसी में फर्स्ट एड बॉक्स नजर नहीं आया। अधिकारियों ने बस और स्कूल संचालकों को सख्त चेतावनी दी।
स्कूली वाहनों से हो रहे हादसों पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने आदेश जारी किए हैं। संभागीय परिवहन विभाग 22 जुलाई तक स्कूली वाहनों की नियमित जांच कर कार्रवाई करेगा। सोमवार को संभागीय परिवहन विभाग की चार टीमों ने जगह-जगह स्कूली वाहनों की जांच की। एआरटीओ शंकरजी सिंह और यात्री कर अधिकारी रामसुमेर की अगुवाई में करीब 80 स्कूली वाहनों की जांच की गई। यात्रीकर अधीक्षक रामसुमेर यादव ने बताया कि तीन में फिटनेस नहीं मिली तथा 12 वाहनों में फर्स्ट एड बाॅक्स गायब रहे और चार बसों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। उन्होंने बताया कि आज सभी को चेतावनी दी गई है। अगले दिन से यदि जांच में यह खामियां मिलीं तो कार्रवाई की जाएगी।
कही वाहनों में फिटनेस सही नहीं मिली तो किसी में सीसीटीवी कैमरे और किसी में फर्स्ट एड बॉक्स नदारद मिले। पहला दिन होने की वजह से इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। एआरटीओ शंकर जी सिंह ने स्कूल व बस संचालकों को चेतावनी दी। कहा कि स्कूली वाहनों को नियमानुसार ही चलवाएं। जांच में यदि खामियां मिलीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए बच्चों का जीवन खतरे में न डालें। उन्होंने अभिभावकों से भी सतर्कता बरतने और शिकायत करने की अपील की। पीटीए रामसुमेर यादव ने बताया कि 22 जुलाई तक नियमित स्कूली वाहनों की जांच की जाएगी। यदि बिना फिटनेश, सुविधा व कागजात के वाहन मिले तो सीज किए जाएंगे।