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फांसी लगाकर तीन लोगों ने चुनी मौत

Thu, 24 Sep 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बांदा/अतर्रा/बदौसा।अलग-अलग जगहों पर तीन लोगों ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। बांदा में मृतक युवक को फसल सूखने का गम बताया गया तो अतर्रा में स्कूल वैन चालक पड़ोसी के पीटने से झुब्ध था। वहीं फतेहगंज में घर की कलह के चलते विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। सभी मामलों में पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
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पैलानी थाना क्षेत्र के सिंधनकलां गांव निवासी रामदेव (25) पुत्र बरबस पाल ने मंगलवार को देर शाम घर से कुछ दूर मवेशी बाड़े में फांसी लगा ली। पिता ने बताया कि घटना के समय घर के सभी लोग खेत गए थे। लौटने पर पुत्र रामदेव का शव फांसी पर लटका देखा।

पिता का कहना है कि रामदेव खेती संभालता था। अपनी चार बीघा और बटाई पर 10 बीघा जमीन लिए था। दिन में वह खेत देखने गया था। फसल सूखने के सदमे से उसने आत्महत्या कर ली। जिला पंचायत सदस्य दलपत सिंह व तिंदवारी विधायक के मीडिया प्रभारी केशव पाल पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों से मिले और ढांढस बंधाया।
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लखन कालोनी (अतर्रा) के पप्पू नामदेव (42) पुत्र कल्लू ने मंगलवार की रात घर के कमरे में रस्सी से फंदा बनाकर गले में कस लिया। सुबह पुत्री हिमांशी ने पिता शव फांसी पर लटका देखा। मोहल्लावासियों की सूचना पर पुलिस ने शव फंदे से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पप्पू लक्ष्मीबाई मेमोरियल स्कूल में वाहन चालक था। आठ साल पहले पत्नी की मौत हो चुकी है। पुत्र नासिक में काम करता है। हिमांशी ने बताया कि मंगलवार को पड़ोसी से झगड़ा हुआ था। पड़ोसी ने पिता की पिटाई कर दी थी। इसी से क्षुब्ध होकर पिता ने आत्महत्या कर ली।

उधर, फतेहगंज थाना क्षेत्र के कुलसारी गांव के मजरा वसुदेव का पुरवा निवासी कुंता (24) पत्नी रज्जू यादव उर्फ चेयरमैन ने बुधवार को दोपहर ससुराल में फांसी लगाकर जान दे दी। ग्राम प्रधान व पड़ोसियों ने बताया कि तीन साल पहले दोनों का विवाह हुआ था।

पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता था। तीज के दिन महुरइया (बदौसा) गांव से महिला ने मायके से सात-आठ लोग आए थे। उन्होंने रज्जू को पीटा था। इससे क्षुब्ध होकर रज्जू ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगाने की कोशिश की थी। तब ग्रामीणों ने उसे बचाया था। दो दिन बाद वह सूरत चला गया। थानाध्यक्ष घनश्याम पांडेय ने घटना की वजह घरेलू कलह बताई है। सूचना मायकेवालों को दी गई है।
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