बांदा। कृषि विश्वविद्यालय इस सत्र से तीन नए कोर्स शुरू करेगा। पहला कोर्स पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशु पालन, दूसरा बीटेक एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग और तीसरा बीटेक फूड टेक्नोलॉजी का कोर्स होगा। यहां पहले इन कोर्सों की व्यवस्था नहीं थी।
विश्वविद्यालय के उप कुल सचिव राजीव उमराव ने बताया कि पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन स्नातक (बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हस्बैंडरी) साढ़े पांच वर्ष का स्नातक कोर्स है। यह जानवरों के रोगों के चिकित्सा निदान और उपचार से संबंधित है। दूसरे कोर्स में बीटेक एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कृषि क्षेत्र में मशीनरी इंजीनियरिंग और विज्ञान से संबंधित चार साल का स्नातक कोर्स है। इसके पाठ्यक्रम में कृषि मशीनरी, मिट्टी, कृषि उत्पादन आदि शामिल हैं। इस कोर्स को करने वाले छात्र कृषि व्यवसाय फर्म, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि अनुसंधान विकास फर्म आदि में काम करने के पात्र होंगे।
तीसरा कोर्स बीटेक फूड टेक्नोलॉजी भी चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम होगा। इसमें आठ सेमेस्टर होंगे। उत्पाद के सेल्फ जीवन को बढ़ाने के लिए खाद्य उद्योग में उपयोग किए जाने वाले खाद्य प्रसंस्करण संरक्षण तकनीक और खाद्य इंजीनियरिंग के अनुपयोगों के अध्ययन से संबंधित है। यह पाठ्यक्रम लेबलिंग पैकेजिंग उत्पाद डिजाइन आदि में कौशल विकसित करने में मदद करता है।
उप कुल सचिव ने बताया कि यूपी कैटेट के तहत प्रवेश परीक्षा 11 व 12 जून को होगी। इसी माह 25 व 26 को इसका परिणाम आएगा। प्रवेश प्रक्रिया के लिए काउंसिलिंग जुलाई अगस्त में प्रारंभ होगी जो कई चरणों में चलेगी। इन कोर्सों में 80 फीसदी छात्र उत्तर प्रदेश और ऑल इंडिया से 20 फीसदी छात्र प्रवेश लेंगे। इस बार प्रवेश परीक्षा सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ करा रहा है।