बांदा। डीएम सुरेश कुमार ने कानून और शांति व्यवस्था और टैक्स एवं राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में सख्त रुख अपनाया।
एक दर्जन लापरवाह अफसरों पर कड़े तेवर अपनाते हुए वेतन रोकने, स्पष्टीकरण मांगने और चेतावनी जारी करने के आदेश दिए।
सोमवार
को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक में डीएम ने बिसंडा नगर पंचायत ईओ के
अनुपस्थित रहने से उनका वेतन रोक दिया और स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए।
लोक निर्माण विभाग एक्सईएन भी बैठक में नहीं थे। उनका वेतन रोकते
हुए चेतावनी जारी की। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता और मनोरंजन कर
अधिकारी भी बैठक से नदारद थे।
इन दोनों विभागों की राजस्व वसूली भी
कम पाई गई। डीएम ने दोनों एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब किया है। सिंचाई
वसूली में ढिलाई पर अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी।
तिंदवारी
और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भी चेतावनी जारी की गई है।
इन्हें वसूली बढ़ाने और कामों में सुधार लाने को कहा गया है। वरना प्रतिकूल
प्रविष्टि की चेतावनी दी है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति बांदा के
सचिव को चेतावनी जारी हुई। अन्य सचिवों को भी काम में तेजी न लाने पर
कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अतर्रा मंडी समिति के सचिव बैठक से अनुपस्थित
थे।
उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। बबेरू मंडी समिति के सचिव को कामों में सुधार न लाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
स्टांप
रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य पूरा न होने पर डीएम ने असंतोष जताते हुए सभी
रजिस्ट्रारों को मानक सूची पेश करने के आदेश दिए। उप जिलाधिकारियों से कहा
कि दीवाली के मौके पर पटाखों की दुकानों और गोदामों का सक्रियता से
निरीक्षण करें।
बैठक में अपर एसपी आशुतोष शुक्ल, सिटी मजिस्ट्रेेट
आरके श्रीवास्तव, सीओ विनोद सिंह, सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारी बैठक में
शामिल रहे।