बांदा। पुलिस पार्टी पर ठोकिया गैंग के सदस्यों ने जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी को विशेष न्यायाधीश डकैती छोटेलाल यादव की अदालत ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अन्य धाराओं में सजा सहित 15,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसकी अदायगी न करने पर तीन माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोषी को जेल भेज दिया गया।
साथ ही अन्य सह आरोपियों की पत्रावली अलग करके पूर्व में सजा सुनाई जा चुकी है। कालिंजर थाने में तैनात तत्कालीन एसएसआई राम नरेश त्रिपाठी ने कालिंजर थाने में 10 मई 2008 को 2:45 बजे प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि डेढ़ बजे एंटी डकैती कर्मचारियों द्वारा दस्यु अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया की गैंग सुखारी पुरवा अंश नरैनी के जंगल में मौजूद होने की खबर है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार वह व अन्य पुलिस कर्मियों के साथ चलकर पुलिस चौकी गुढाकला में आए और अन्य कर्मचारियों को लेकर नौगवां तिराहे पर पहुंचे थे। ठोकिया गैंग के सदस्य ज्ञान सिंह, दादू उर्फ राम सिंह, सुंदर लाल पटेल, पहलवान उर्फ मुन्ना, भूरा व नन्हेराम उर्फ मनोज कुमार पटेल को ललकारा कि तुम सब पुलिस के घेरे में हो। इतने पर उन्होंने पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले के इरादे से फायरिंग करना शुरू कर दी।
जिससे कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए और घेराबंदी करके सभी को गिरफ्तार कर लिया। कुछ लोग भागने में सफल हो गए थे। गिरफ्तार सदस्यों के पास से असलहा व भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी ज्ञान सिंह, दादू, सुंदर लाल पटेल, पहलवान,भूरा व नन्हेराम शामिल थे।
विवेचक ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। पूर्व में ज्ञान सिंह आदि की पत्रावली अलग करके इनकी सुनवाई की गई। नन्हेराम उर्फ मनोज कुमार पुत्र दादूराम निवासी सुखारी पुरवा बीमारी के दौरान वह दवा कराता रहा।
बाद में अदालत में हाजिर हुआ और मामले की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने व अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने नन्हेराम उर्फ मनोज कुमार को दोषी पाकर सजा सुनाई है।