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बेटियों के बारे में सोच बदले समाज

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बांदा पैरा मेडिकल कालेज में शपथ ग्रहण करतीं नर्सिंग छात्राएं। - फोटो : BANDA
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बांदा। अब वह दिन नहीं रहे कि बेटियां घूंघट के साथ घर में कैद रहें। नए दौर में बेटियां या महिलाएं किसी भी मायने में पुरुषों से कम नहीं हैं। घर और बाहर के काम बखूबी निपटा रही हैं। उन्हें शिक्षा, स्वच्छता व स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए। यह बात बांदा पैरा मेडिकल नर्सिंग कालेज (नरैनी रोड) में अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स की गोष्ठी और शपथ ग्रहण के दौरान कालेज की डायरेक्टर डॉ. जरीना खान ने कही।
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प्रधानाचार्य सूर्या ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां नाम कमा रही हैं। यह भी जरूरी है कि वे अपनी सेहत का ख्याल रखें। डाक्टर की सलाह के अनुसार नियमित निर्धारित मात्रा में पौष्टिक आहार लें।
उप प्रधानाचार्य शाहिदा ने कहा कि बेटियों को मासिक धर्म तीन से सात दिन तक हो सकते हैं। इस दौरान शारीरिक बदलाव भी होते हैं। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ दिन बाद यह सामान्य हो जाते हैं। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। सैनेटरी नैपकिन उपयोगिता के बारे में भी बताया। कार्यक्रम में डॉ. मीना, डॉ. प्रीती, डॉ. पूनम, डॉ. ज्ञान व कर्मचारी आदि मौजूद रहे।
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बेटियों को बढ़ाने से होगा बेहतर समाज
नर्सिंग छात्रा तेजवती ने कहा कि बेटियों को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाना चाहिए। तभी बेहतर समाज का निर्माण होगा। बेटियां किसी से कम नहीं हैं। देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के साथ ही सेना व पुलिस में अहम भूमिका निभा रही हैं।
छात्रा प्रियंका ने कहा कि आज महिलाओं के कदम आगे बढ़ रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, रेलवे, रोडवेज, सेना सभी में अपने कौशल व ज्ञान का भरपूर प्रदर्शन कर रही हैं। माता-पिता व समाज के लोगों को बेटियों के प्रति भेदभाव की सोच बदलनी होगी। बेटियों को बेटों से कम न समझा जाए।
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