संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। सरकार ने किशोरों को कार, स्कूटी व बाइक न चलाने देने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रावधान किया जाएगा कि यदि कोई किशोर वाहन के साथ पाया गया तो वाहन स्वामी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में सरकार के इस फरमान से प्रबंधकों ने कहा है कि वे किसी भी कीमत पर अपने विद्यालय में बच्चों को वाहन चलाकर नहीं आने देंगे, बाकी की जिम्मेदारी अभिभावकों की भी है। कुछ प्रबंधक इस संदर्भ में जल्द अभिभावकों संग बैठक भी करेंगे। वहीं इस फैसले को लेकर शहर के स्कूल प्रबंधन के बीच खलबली मची हुई है, क्योंकि अधिकांश स्कूलों में छात्र-छात्राएं स्कूटी व बाइकों से पहुंच रहे हैं।
बोले विद्यालय प्रबंधक
अभिभावकों को वार्ता के लिए बुलाएंगे
भागवत प्रसाद मेमोरियल कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह का कहना है कि अभिभावकों के अनुबंध पत्र के आधार पर करीब 50 बच्चे वाहन चलाकर आते हैं। अब नए कानून को देखते हुए ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। सात जनवरी को इस संदर्भ में अभिभावकों संग बैठक कर उन्हें चेताया जाएगा।
कॉलेज में तीन वर्षों से है प्रतिबंध
सेंट जेवियर्स कॉलेज की प्रिंसिपल रीना सिंह का कहना है कि वह भी बच्चों के वाहन चलाने के खिलाफ हैं। यही वजह है कि उनके कॉलेज में तीन साल पहले ही इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, ताकि कभी कोई बच्चा स्कूल आते-जाते वक्त सड़क हादसे का शिकार न हो जाए।
अभिभावकों को भी रोक लगानी चाहिए
सेंट मैरी स्कूल के प्रिंसिपल विलसेंट अलबर्ट का कहना है कि नए कानून का सख्ती से पालन होना चाहिए। उनके स्कूल में भी कुछ बच्चे वाहन चलाकर आते हैं, उनके अभिभावकों को बुलवाकर उन्हें ऐसा करने से रोका जाएगा। यदि बच्चे सड़क पर पकड़े गए तो कार्रवाई भी अभिभावकों के खिलाफ ही होनी है।
अभिभावकों की बात...
फैसला हक और हित में
अभिभावक अजीज अहमद का कहना है कि सरकार का फैसला अभिभावक के हित और हक में है। कौन चाहेगा कि बच्चे वाहन चलाकर खतरा मोल लें या फिर उनकी नादानी की वजह से माता-पिता को परेशानी का सामना करना पड़े।
सुरक्षा के लिहाज से फैसला ठीक
अभिभावक प्रीती के मुताबिक 18 साल से पहले वाहन चलाना बच्चों के लिए सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है। लिहाजा वह तो अपने बच्चों को भी ऐसा करने से रोकेंगी, ताकि वे सुरक्षित स्कूल आ-जा सके।
इलेक्ट्रिक वाहनों, जिनकी गति सीमा तय रहती है, उनके लिए इस नए कानून में क्या प्रावधान होगा। इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। पूरा आदेश हाथ में आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पेट्रोल से चलने वाहनों पर रोक लगाने का अभियान चलाने के लिए अधिकारियों से विचार-विमर्श किया जाएगा।
जियाउद्दीन अहमद, सीओ यातायात