साइड स्टोरी....
फोटाे-37-आरोपियों से बरामद कार जो एस्कॉर्ट कर रही थी।
फोटो-38-सिरप देखते सीओ कृष्णकांत त्रिपाठी।
फोटो-39-पकड़ी गई सिरप लदी डीसीएम व मौजूद पुलिस।
फोटो-40-सिरप की पेटी खोलता पुलिसकर्मी।
- फर्जी दस्तावेज तैयार कर मेडिकल स्टोर के बजाय नशे के कारोबारियों को करते थे सप्लाई
- डीसीएम को एस्कॉर्ट करती थी कार, चालक को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए मिलते थे 25 हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी का कारोबार संगठित तरीके से चलाया जा रहा था। नई दिल्ली से कोडीनयुक्त सिरप की खेप लाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इसके बाद सिरप के रैपर बदलकर उसे मेडिकल स्टोर के बजाय नशे के कारोबार में खपाया जाता था। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने तस्करी के इस तरीके का खुलासा किया है।
पूछताछ में पता चला कि तस्कर नई दिल्ली से कोडीनयुक्त सिरप की खेप लेकर बांदा आते थे। यहां से इसे अतर्रा, बांदा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के आसपास के जिलों में नशे के कारोबारियों को महंगे दामों पर सप्लाई किया जाता था। 30 हजार शीशियों की बरामद खेप भी इसी नेटवर्क के जरिए पहुंचाई जा रही थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कोडीनयुक्त सिरप को मेडिकल स्टोर में बिक्री के लिए भेजने के बजाय नशे के कारोबार में इस्तेमाल किया जाता था। इसके लिए सिरप के रैपर बदले जाते थे। साथ ही कूट रचित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे, ताकि खेप के परिवहन और बिक्री को सामान्य दवा की आपूर्ति के तौर पर दिखाया जा सके।
कार से होती थी डीसीएम की निगरानी
खेप को नई दिल्ली से लाने वाली डीसीएम अकेली नहीं चलती थी। उसे एक कार एस्कॉर्ट करती थी। पुलिस ने मौके से डीसीएम के साथ एस्कॉर्ट में लगी कार भी बरामद की है। इससे तस्करी के दौरान खेप की निगरानी और रास्ते में सुरक्षा की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है।
चालक को मिलते थे 25 हजार रुपये
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि डीसीएम चालक शेखर को खेप को सकुशल गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 25 हजार रुपये अलग से दिए जाते थे। गिरफ्तार तीन आरोपियों धीरेंद्र, प्रवीण उर्फ लकी और रोहित ने चालक को यह रकम देने की बात बताई है।
एक आरोपी वांछित, नेटवर्क की तलाश
पूछताछ में अतर्रा के कुशवाहा मैरिज हाल के पास निवासी प्रियांशू उर्फ किशन का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने उसे वांछित किया है। अब पुलिस और एसटीएफ कोडीन सिरप की इस खेप के सप्लायर और रिसीवर तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। पूछताछ के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
औषधि निरीक्षक ने लिया नमूना
बरामद 250 पेटियों में 100-100 एमएल की कुल 30 हजार शीशियां मिली हैं। इनमें करीब तीन हजार लीटर कोडीन सिरप है। औषधि निरीक्षक दिव्य प्रकाश मौर्य ने बरामद सिरप का नमूना लिया है। पुलिस ने सिरप को कब्जे में लेकर दोनों वाहनों को सीज कर दिया है।
ऐसे खुला तस्करी का राज
यूपी एसटीएफ को बांदा क्षेत्र में कोडीन सिरप के अवैध परिवहन की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ ने बिसंडा पुलिस से संपर्क कर संयुक्त टीम बनाई। डीसीएम को ट्रेस करते हुए टीम ने बिसंडा-अतर्रा मार्ग पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उत्तरी गोल चौराहे के पास उसे रोक लिया। तलाशी में भारी मात्रा में कोडीन सिरप मिला और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसटीएफ-पुलिस की संयुक्त टीम रही शामिल
कार्रवाई में बिसंडा थानाध्यक्ष चंद्रप्रकाश तिवारी, औषधि निरीक्षक दिव्य प्रकाश मौर्य, एसटीएफ के उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह, रणेन्द्र कुमार सिंह और गिरीश कुमार त्रिपाठी, हेड कांस्टेबल अश्वनी कुमार सिंह, संतोष कुमार, रोहित सिंह और किशनचंद्र, आरक्षी रविकांत सिंह शामिल रहे। बिसंडा थाने से हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार और आरक्षी जितेंद्र कुमार भी टीम में रहे।
फोटाे-37-आरोपियों से बरामद कार जो एस्कॉर्ट कर रही थी।
फोटाे-37-आरोपियों से बरामद कार जो एस्कॉर्ट कर रही थी।
फोटाे-37-आरोपियों से बरामद कार जो एस्कॉर्ट कर रही थी।