बांदा। अधिवक्ता और उसके परिवार को पीटकर संगीन धाराओं में जेल भेजने के मामले में अदालत ने क्षेत्राधिकारी व इंस्पेक्टर सहित 11 पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में चार महिला सिपाही भी आरोपी हैं।
13 मई को सुबह बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पड़री गांव में नोटिस तामील कराने बिना वर्दी में गए पुलिस कर्मियों के साथ ग्रामीणों ने मारपीट की थी। इस पर पुलिस ने अधिवक्ता केशव प्रसाद यादव और उनकी पत्नी, पुत्रों और पुत्रियों आदि के विरुद्ध संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें थाने लाकर बुरी तरह पीटा था। अधिवक्ता केशव का कहना था कि वह बांदा शहर में थे। उन्हें यहां से उठाया गया। पीड़ित अधिवक्ता केशव प्रसाद ने विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र/अपर सत्र न्यायाधीश) की अदालत में अर्जी दायर की।
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश नूपुर ने अधिवक्ता केशव की अर्जी स्वीकार कर ली। अपने पांच पेज के आदेश में विशेष न्यायाधीश ने बबेरू थानाध्यक्ष को आदेश दिया कि अर्जी के अनुसार आरोपियों पर सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कराई जाए। अधिवक्ता की अर्जी की पैरवी अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह, शंकर सिंह गौतम, अशोक दीक्षित, ब्रजराज सिंह परिहार, सत्यदेव त्रिपाठी आदि ने की।
इन पर दर्ज होगी रिपोर्ट
सत्यप्रकाश शर्मा (क्षेत्राधिकारी, बबेरू), अरुण पाठक (प्रभारी निरीक्षक), दिलीप कुमार मिश्रा (उप निरीक्षक, सिमौनी पुलिस चौकी), कांस्टेबल सुखवीर सिंह, बृजेश यादव, सलमान खां, प्रवेश यादव (सिमौनी चौकी), महिला कांस्टेबल शिवानी, कल्पना, आराधना, रेनू और 14-15 पुलिस आरक्षी अज्ञात।