302 दिनों तक पुलिस अधीक्षक की कमान संभाल चुके आईपीएस आफीसर ज्ञानेश्वर तिवारी दो वर्षों बाद ही यहां 30वें डीआईजी के रूप में तैनात हो गए। शुक्रवार को उन्होंने यहां चार्ज संभाल लिया।
उधर, नए पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर ने भी यहां 62वें पुलिस अधीक्षक के रूप में इंट्री दर्ज करा ली। इन दोनों ही पुलिस अफसरों ने शुक्रवार को यहां चार्ज संभाला।
श्री तिवारी 14 अप्रैल 2012 से 12 फरवरी 2013 तक (302 दिन) बांदा में पुलिस अधीक्षक की बखूबी कमान संभाले रहे। विधान सभा चुनाव भी कराए। अब शासन ने उनकी पदोन्नति कर करते हुए इसी मंडल में पुलिस उप महानिरीक्षक पद पर भेजा है। वह 2001 बैच के आईपीएस हैं। चार्ज लेने के बाद मीडिया से अपने कैंप कार्यालय में अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘हम सब मिलजुल कर काम करेंगे।’
दस्यु सरगना बलखड़िया के जल्द सफाए की भी उम्मीद जताई। मंडल के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आगाह किया कि शासन और जन भावनाओं के तहत ड्यूटी अंजाम दें।
उधर, चार्ज संभालने के बाद पुलिस कार्यालय में नवागंतुक एसपी राकेश शंकर ने कहा कि अपराध खत्म नहीं हो सकता, लेकिन कम जरूर किया जा सकता है। जेल से बाहर आने वाले अपराधियों की हरेक गतिविधियों पर पुलिस निगाह रखेगी। 1985 के पीपीएस और 2005 बैच के आईपीएस श्री शंकर इलाहाबाद के रहने वाले हैं। गाजियाबाद, जालौन समेत आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में एसपी रह चुके हैं।