फोटो- 08 जिला अस्पताल गेट के बाहर सड़क पर खड़े ई-रिक्शा। संवाद
बांदा। आठ हजार से अधिक ई-रिक्शा शहर की सड़क पर दौड़ रहे हैं। इनके खड़े होने के लिए अभी तक पार्किंग नहीं बनाई गई है। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि पार्किंग स्थल बनाने के लिए जगह ढूंढने का काम किया जा रहा है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्यामलाल ने बताया कि चार हजार से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। जबकि बिना पंजीकरण के भी चार हजार ई-रिक्शा सड़क पर दौड़ रहा है। पहले साइबर पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन किया और फिर यातायात पुलिस ने ई-रिक्शों पर नंबर दर्ज किए। बिना रजिस्ट्रेशन वाले ई-रिक्शो को भी यातायात पुलिस ने नंबर चस्पा करते हुए उनके आधार कार्ड जमा कराते हुए उनका नाम-पता और मोबाइल फोन नंबर आदि दर्ज किए हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति में संबंधित ई-रिक्शा चालक को तलाशा जा सके।
शहर में दौड़ रहे आठ हजार ई-रिक्शा के लिए एक भी पार्किंग नहीं है। ऐसी दशा में ई-रिक्शा सड़क किनारे, चौराहों पर या फिर दुकानों के इर्द-गिर्द खड़े किए जाते हैं। जिला अस्पताल गेट के बाहर और रोडवेज, रेलवे स्टेशन समेत शहर के सभी चौराहों पर ई-रिक्शा बेतरतीब तरीके से खड़े नजर आते हैं। इससे यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है। नगर पालिका ईओ श्रीचंद्र ने बताया कि ई-रिक्शा पार्किंग स्थल बनाने के लिए स्थान देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में तीन से चार स्थानों पर ई-रिक्शा पार्किंग बनाई जाएगी।