बांदा। जिला अस्पताल का बर्न वार्ड अव्यवस्थाओं का शिकार है। इसमें मरीजों के लिए न तो आइसोलेटेड बेड है न ही विशेष टॉयलेट की व्यवस्था है। अलग से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी नहीं हैं। इससे वार्ड में भर्ती मरीजों को काफी परेशानी होती है।
शासनादेश के मुताबिक बर्न वार्ड में मरीजों के लिए आइसोलेटेड बेड, विशेष टॉयलेट, किचन, कपड़े धुलने की सुविधा और अलग से डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की तैनाती होनी चाहिए। जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है।
बर्न वार्ड में सिर्फ छह बेड पड़े हैं। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी लगा दी गई है।
दो एसी लगाए गए थे, लेकिन बिजली के कनेक्शन नहीं देने से चलते नहीं हैं। कूलर नहीं लगाए गए हैं। अब जबकि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया तो आग और करंट से झुलसे मरीजों की हालत खराब हो रही है।