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बालू माफिया ने फिर बांधी नदी की जलधारा

Sun, 13 Nov 2016 10:21 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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पी-एमपी की सीमा पर बरसड़ा मानपुर के नजदीक केन नदी में आरपार बनाया गया पुल। - फोटो : amarujala
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बालू से काली कमाई में जुटे माफिया की मनमानी का सिलसिला बदस्तूर चल रहा है। कई बार ध्वस्त किए जाने के बाद अब फिर बालू के धुरंधरों ने यूपी-एमपी की सीमा पर केन नदी की जल धारा को बांध कर आरपार रास्ता बना लिया है। एमपी से आ रहे बालू भरे ट्रक इसी पुल से गुजर रहे हैं। एनजीटी और हाईकोर्ट प्रतिबंध के बावजूद पोकलैंड और जेसीबी का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।
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यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित नरैनी (बांदा) तहसील के मानपुर बरसड़ा गांव के पास केन नदी में आरपार पुल बनाकर उस पार मध्य प्रदेश की खदानों का रास्ता बना लिया गया है। पुल के उस पार धौरहरा (छतरपुर) से रात-दिन खनन हो रहा है। ट्रक इसी पुल से निकल रहे हैं। उधर, एमपी के बालू कारोबारी यूपी वाले इलाके में खनन करा रहे हैं।

यह बात पूर्व पुलिस अधीक्षक आरपी पांडेय ने लिखित रूप से डीएम व अन्य अधिकारियों को अवगत कराई थी। नरैनी तहसीलदार और करतल पुलिस ने भी यही रिपोर्ट दी है। एसडीएम नरैनी सीएल सोनकर ने बताया कि बांदा और छतरपुर (यूपी-एमपी) के राजस्व कर्मियों द्वारा नापजोख की जा चुकी है। जांच में यह बात साफ हो चुकी है कि एमपी वाले यूपी में बालू खनन कर रहे हैं।
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यह जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि केन नदी में बनाया गया पुल पूर्व में तोड़ दिया गया था। अब फिर हटाया जाएगा। उधर, नदी बंद हो जाने से बांदा जनपद के बड़ेहा, मुकेरा, शंकर बाजार, किशनीपुर, लहुरेटा आदि गांवों के मवेशियों और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। यूपी की सड़कें अलग टूट रही हैं।

मौसम की मार से खेती गवां बैठे कुछ किसानों के लिए अवैध खनन और बालू का काला कारोबार आमदनी का जरिया बन गया है। मटौंध थाना क्षेत्र के जखौरा गांव में इसकी मिसाल मौजूद है। यहां रेलवे क्रासिंग के पास एक किसान ने अपने खेत से 10 मीटर लंबा रास्ता बालू के ट्रक गुजरने के लिए दे दिया है। बालू माफिया उसे प्रति ट्रक 200 रुपये दे रहे हैं। बालू के यह ट्रक मध्य प्रदेश के खड्डी (गौरिहार, छतरपुर) की तरफ से बालू लेकर आते हैं। प्रतिदिन लगभग एक सैकड़ा ट्रक गुजर रहे हैं।

उधर, यह रास्ता बनाने के लिए जखौरा ग्राम पंचायत द्वारा रेलवे क्रासिंग तक बनाई गई नाली को भी ध्वस्त कर दिया गया है। चमरहा से मटौंध तक की सड़क ध्वस्त हो रही है। ट्रकों की धमाचौकड़ी से स्कूल आने-जाने वाली छात्र-छात्राओं को खतरा बना हुआ है। चमरहा गांव में एमपी की सीमा में एमपी से आने वाले बालू ट्रकों से प्रति ट्रक 5000 रुपये लिया जा रहा है। वसूली के लिए टेंट लगा है।
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