बड़ोखर बुजुर्ग गांव के पास टूटी नहर की पटरी
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ेकेन नहर की पटरी टूट जाने से दर्जनों किसानों को लाखों रुपये की चपत लग गई। सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए। उनमें लगी धान की बेड़ और अन्य फसलें चौपट हो गईं। एक पुरवा का रास्ता भी ठप हो गया। सिंचाई विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी सुध नहीं ली। एक पखवारे के अंदर केन नहर टूटने और खेतों की बर्बादी होने की यह दूसरी घटना है।
नरैनी तहसील के बड़ोखर बुजुर्ग गांव के पास मुख्य नहर शनिवार की रात नहर पटरी बारिश में टूट गई। भारी मात्रा में पानी खेतों की तरफ मुड़ गया। गिरधारी की 6 बीघा, शिवनंदन 8 बीघा, लल्लू 3 बीघा, बब्बू कुशवाहा 10 बीघा, सुरेश द्विवेदी 7 बीघा, राजमोहन निगम 5 बीघा, कल्लू यादव 3 बीघा, कृष्ण कुशवाहा 8 बीघा सहित अन्य तमाम किसानों की सैकड़ों बीघा खेत डूब गए। दो दिनों से इन खेतों में बाढ़ का नजारा है।
जलभराव से भोला कुशवाहा का पुरवा जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना नहीं हो पा रहा है पर सिंचाई विभाग ने सुध नहीं ली। उधर, अधिशासी अभियंता का कहना था कि उन्हें सूचना नहीं दी गई। अब पता चला है कि वह शीघ्र अवर अभियंता को भेजकर नहर की मरम्मत करवाएंगे।
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में बिसंडा मार्ग पर मेन ब्रांच नहर आऊ का पुरवा के पास टूट गई थी। लगभग 3 मीटर पटरी बह गई थी। सैकड़ों बीघा खेत पानी में पूरी तरह डूब गए थे। किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा था।