बांदा। ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित हो चुके चित्रकूटधाम मंडल में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 28,974 व्यक्तिगत शौचालय बनेंगे। शौचालय विहीन लोगों की सूची तैयार की जा रही है। शासन ने जनपद स्तर पर व्यक्तिगत शौचालयों का नया लक्ष्य जारी कर दिया है।
सर्वाधिक 10,723 व्यक्तिगत शौचालय जनपद बांदा में बनेंगे। साढ़े छह सालों में करीब साढ़े छह लाख व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए हैं। शासन ने जिला पंचायत राज अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वह व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए पात्रों का चयन कर नवसृजित पात्र परिवारों की सूची शीघ्र तैयार कर लें। एक सप्ताह के अंदर उनकी ऑनलाइन फीडिंग कराई जाए। यदि किसी ग्राम पंचायत में शौचालय के लक्ष्य की आवश्यकता नहीं है, तो संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान व सचिव से निर्धारित प्रारूप पर इस आशय का प्रमाणपत्र हासिल कर लें। इस कार्य में किसी प्रकार की हीलाहवाली सहन नहीं की जाएगी। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में करीब साढ़े छह लाख व्यक्तिगत शौचालय बन चुके हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की शुरुआत दो अक्तूबर 2014 को हुई थी। साढ़े छह सालों में मिशन के तहत जनपद बांदा में 2.22 लाख व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए। इसी तरह चित्रकूट में 1.55 लाख, महोबा में 1.35 लाख और हमीरपुर में 1.60 लाख व्यक्तिगत शौचालय बन चुके हैं। शत प्रतिशत शौचालय बनने के बाद मंडल को वर्ष 2019-20 में खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया था। हालांकि, यह सिर्फ कागजी है। असलियत कुछ और है। घर में शौचालय होने के बाद भी लोग खुले में शौच को जा रहे हैं।
मंडल में व्यक्तिगत शौचालयों का लक्ष्य---
बांदा जनपद में लक्ष्य 10,723, चित्रकूट में 5,787, महोबा में 5,375, हमीरपुर में 7,089 शौचालय बनाए जाएंगे।
बंटवारे के बाद तैयार हुए नए परिवार
जिला कंसल्टेंट नागेंद्र सिंह का कहना है कि प्रतिवर्ष नई बस्तियों के बनने व परिवारों के बीच बंटवारे के बाद नए परिवार तैयार हो जाते हैं। ऐसे परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेस-2 के तहत शौचालयों का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। पात्रों का चयन कर उनके नाम शासन की वेबसाइट में फीड किए जाएंगे।
पात्रों के चयन व फीडिंग के निर्देश
विकास खंडवार लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समस्त सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को निर्देश दिए गए हैं कि वह पात्रों का चयन कर उनके नामों को शासन की वेबसाइट पर फीड कराया जाए, ताकि पात्रों के आधार पर बजट प्राप्त हो सके।
-सर्वेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी बांदा