बांदा। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के पड़मई गांव में महिला की हत्या कर दी गई थी। सोमवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। उधर, पुलिस ने महिला का मोबाइल कब्जे में लिया है। मोबाइल के सीडीआर की जांच कराई जा रही है।
पड़मई गांव में शनिवार की रात आशा कुशवाहा की ईंट से कूंचकर हत्या की कर दी गई थी। हत्यारे शव घर से 100 कदम दूर स्थित पशुबाड़ा में यूकेलिप्टस के पेड़ के नीचे घास-फूस के ढेर में छिपाकर भाग निकले थे। इंस्पेक्टर राममोहन राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी वजनदार वस्तु से सिर पर प्रहार करने से आशा की मौत की पुष्टि की गई है। दुष्कर्म की आशंका को लेकर स्लाइड भी बनवाई गई है। अभी तक की जांच में सिर्फ इतना क्लू मिला है कि कोई दो लोग रात में उसके घर आए थे। यह जानकारी दूसरे नंबर की बेटी सात वर्षीय शिवानी ने दी थी। हालांकि वह दहशत में है। ठीक से कुछ नहीं बता पा रही है।
दवा के नशे की वजह से नहीं खुली ससुर की आंख
ससुर श्रीपाल ने बताया वह दो महीने से बीमार चल है। घटना की रात टिनशेड के नीचे फर्राटा पंखा लगाकर सो रहा था। दवा खाई थी। शायद दवा के नशे की वजह से उसे किसी की आहट नहीं मिल पाई।
दिन में भाई से हुई थी वीडियो कॉल से बात
आशा के भाई लक्ष्मी ने बताया कि वह अतर्रा के रहने वाले हैं। आशा दो भाई और तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। घटना वाले दिन में बहन आशा से वीडियो कॉल पर बात हुई थी।
नाक का फूल व सोने का लाकेट भी गायब
ससुर श्रीपाल ने बताया कि आशा के बदन से कान का फूल व मंगलसूत्र का सोने का लाकेट गायब था। घर की अलमारी का लॉक भी टूटा मिला। अंदेशा जताया कि विरोध के चलते हत्यारों ने आशा का नाक का फूल व लाकेट भी तोड़ लिया होगा।
घटना वाली रात पति की तीन बार वीडियो कॉल से हुई थी बात
नरैनी। मुंबई से आए आशा के पति शारदा ने पोस्टमार्टम हाउस में बताया कि घटना वाली रात पत्नी से देर रात तक तकरीबन तीन बार वीडियो काल से बात हुई थी। वीडियो कॉल में पिता श्रीपाल कुशवाहा को अगले दिन अस्पताल ले जाकर दिखाने की बात कही थी। बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। आशंका जताई कि शायद चोरी की नियत से कुछ लोग घर में घुसे होंगे और पत्नी की नींद खुल जाने से उसकी हत्या की गई।