बांदा। मध्य प्रदेश की घाटियों में झमाझम बारिश से केन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं यमुना नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ा है। चंद्रावल का पानी बढ़ने से रपटा डूब गया है। संभावित बाढ़ के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट है।
सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों सहित लेखपालों को नदियों के स्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। डीएम ने जल स्तर बढ़ने पर बाढ़ चौकियों को खोलने व नदी किनारे के गांवों के लोगों को चौकियों में भेजने को कहा है। उधर, बाढ़ कट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रहने को कहा गया है।
प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। पूरे बुंदेलखंड में रुक-रुककर बारिश हो रही है। उधर, मध्य प्रदेश की घाटियों में भी झमाझम पानी बरस रहा है। ऐसे में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार केन नदी के जल स्तर पर 15 सेंटीमीटर व यमुना के जल स्तर में 10 सेंटी मीटर का इजाफा हुआ।
मंगलवार के केन नदी का जल स्तर 94.03 मीटर व यमुना का जल स्तर 87.65 मीटर था। बुधवार को केन का जल स्तर 94.18 व यमुना का जल स्तर 87.75 मीटर हो गया है। हालांकि केन नदी का खतरे का निशान 104 व यमुना का 100 मीटर है।
अभी कोई खतरा नहीं है, लेकिन नदियों के जल स्तर बढ़ने की सूचना के साथ ही प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों और लेखपालों को नदियों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। ताकि समय रहते बचाव व राहत कार्य शुरू किए जा सके।बताया कि बाढ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले में पैलानी, बांदा, नरैनी में 47 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई है।
साथ ही 218 छोटी और 35 बढी नावों को चिंहित कर नाविकों को निर्देश दिए गए है। केन नदी के भूरागढ़ में एक मोटरवोट भी तैयार है। गोताखोर अधिकारियों के निरंतर संपर्क में हैं। खाद्यान्न, आवाश्यक सामाग्री तिरपाल आदि व दवाओं के टेंडर आदि हो चुके है। जरूरत पड़ने पर इन्हें तत्काल मंगवा लिया जाएगा।