जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगे मरीज।
- फोटो : जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगे मरीज।
बांदा। होली के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में काफी मरीज इलाज कराने पहुंच गए। हालात ऐसे रहे कि पर्ची बनवाने में एक से दो घंटे लगे, तो डॉक्टर तक पहुंचने में इतना ही समय लग गया। फिर अस्पताल से दवा प्राप्त करने में भी एक से दो घंटे लाइन में लगना पड़ा। कई मरीज कहते सुने गए कि सरकारी अस्पताल में उपचार कराना मुश्किल हो गया है। यहां इलाज के इंतजार में दर्द बढ़ता ही जाता है।
सुबह आठ बजे से ही पर्चा काउंटर पर रजिस्ट्रेशन कराने वालों की लाइन लग गई थी। कुल 1474 मरीजों ने इलाज के लिए पंजीकरण कराया। फिजिशियन डॉ. हृदयेश पटेल के चेंबर में खांसी, जुकाम, बुखार, ब्लड प्रेशर व शुगर के मरीजों की भीड़ रही। बाल्य रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता अवकाश पर रहे, उनकी जगह डॉ. अमित द्विवेदी ने उपचार किया। बताया कि ज्यादातर बच्चे मौसमी बीमारियों से पीड़ित रहे। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक गुप्ता के कक्ष में मरीजों की भीड़ रही। उन्होंने बताया कि होली के दौरान नशा करने के बाद तमाम लोगों को परेशानी हुई, उनका उपचार किया गया।
पहले तो पर्चा बनवाने में एक घंटे का समय लगा। चिकित्सक के चेंबर में पहुंचने पर भी एक घंटे लाइन में लगना पड़ा, तब कहीं जाकर चिकित्सक से इलाज मिल सका। दवा काउंटर पर भी लंबी लाइन लगी रही। सरकारी अस्पताल में उपचार कराना परेशानी का सबब बना हुआ है। - किशनलाल, मर्दननाका
- पैर में मोच लगने की वजह से चिकित्सक ने प्लास्टर कर दिया। पहले पर्चा बनवाने में लंबी लाइन लगी रही, इसके बाद चिकित्सक का उपचार प्राप्त करने में एक घंटे लाइन में लगना पड़ा। चिकित्सक ने पर्ची लिखी, दवा लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ी।
- रामकिशोर, कालूकुआं