मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे बिजली कर्मचारी।
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बांदा। बातचीत में तय हुए मुद्दों से मुकरने पर उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ ने पावर कारपोरेशन अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बांदा स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर धरना देकर सभा की।
संघ नेताओं ने कहा कि पूर्व में दिए गए 16 सूत्री मांगपत्र के क्रम में 10 अक्तूबर को मुख्यमंत्री अभियंता से सार्थक बातचीत हुई थी। लेकिन फिर वह मुकर गए। इसलिए यह आंदोलन फिर किया जा रहा है। बिजली कर्मियों ने मांगपत्र भी दिया।
इसमें संविदा मजदूरों को विभाग से सीधे भुगतान, ईपीएफ की राशि सीधे खाते में जमा करने, दुर्घटना में इलाज का खर्च और 10 लाख मुआवजा देने, टीजी-टू व लाइन कार्यालय सहायक आदि को ग्रेड-पे 4200 और श्रमिक को ग्रेड-पे 2600 दिए जाने तथा पिछले वर्ष फरवरी में प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांगें की गईं।