बांदा। इसी माह की शुरुआत में ओला-बारिश से फसलों को पहुंचे भारी नुकसान के बाद अब फिर मौसम की पलटवारी ने किसानों की अब फिर धड़कनें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को बारिश हुई। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश का पैमाना 20 मिलीमीटर लांघ गया तो मौजूदा सीजन की सभी फसलों को भारी नुकसान पहुंचेगा। उधर, बादल-बूंदाबांदी से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आई है। यह 32 से घटकर 29 डिग्री पर आ गया।
लॉकडाउन के चलते किसानों को फसल कटाई के लिए मजदूर ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। इन परिस्थितियों में बारिश या ओलावृष्टि किसानों की तबाही साबित हो सकती है। लॉकडाउन के चलते फसल कटाई मजदूरों का जबरदस्त टोटा है। प्रशासन और पुलिस मजदूरों और किसानों को आने-जाने में कोई ढील नहीं दे रहे।
बांदा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ दिनेश शाहा ने मौसम के मौजूदा बदलाव को पश्चिमी विक्षोभ से चल रही हवाओं का असर बताया है। उन्होंने कहा कि इस समय अगर 20 मिलीमीटर या इससे अधिक बारिश हो गई तो लगभग सभी फसलों को नुकसान पहुंचेगा।
उधर, कृषि विभाग के उप निदेशक एके सिंह ने बताया कि बारिश से गेहूं को छोड़कर चना, मसूर, लाही, अरहर, अलसी आदि फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शुक्रवार को जनपद में 2 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। अगले दो दिनों तक बारिश के आसार हैं।