पानी यात्रा की रवानगी से पूर्व रथ यात्रा सदस्यों को संबोधित करते विधायक दलजीत सिंह।
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बांदा। तालाब और पानी के प्रति लोगों में जागरूकता और जिम्मेदारी का एहसास कराने की मंशा से शुरू हुई पानी यात्रा शुक्रवार को रवाना हो गई। यह सात दिन चलेगी। बुंदेलखंड और कुछ कानपुर जनपद के गांवों को शामिल करते हुए लगभग तीन सैकड़ा गांवों से गुजरेगी। आठ जुलाई को लखनऊ में समापन होगा।पानी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के क्षेत्र में सक्रिय कई स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने पानी यात्रा का आयोजन किया है। शुक्रवार को दोपहर में शहर के प्रमुख और सूखे पडे़ छाबी तालाब से पानी यात्रा की शुरुआत हुई। इस अवसर पर कांग्रेस विधायक दलजीत सिंह ने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य तालाब एवं भूदान चारागाह मुक्ति अभियान है। पर्यावरण विद प्रोफेसर योगेंद्र यादव ने कहा कि तालाब एवं पोखर पब्लिक और सरकार की अनदेखी का शिकार हैं। तालाब किसान व चारागाह के संकट से जूझ रहे हैं। कानपुर से आए अनिल सिंह ने कहा कि तालाबों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता ने कहा कि 11 जुलाई से वनोत्सव शुरू हो रहा है। रेंजर जेके जायसवाल व टीएन सिंह ने युवाओं को पौधरोपण के प्रति प्रेरित किया। अभियान संयोजक व समाजसेवी आशीष सागर ने यात्रा का उद्देश्य बताया। साथ ही कहा कि नगर के ऐतिहासिक छाबी तालाब को नगर पालिका ने बर्बाद कर दिया। अब यहां शौचालय बनाया जा रहा है। इसका विरोध होना चाहिए। पानी यात्रा में नलिनी मिश्रा, स्नेहिल सिंह, अनुज, हनुमत द्विवेदी, प्रणव मिश्रा, राघवेंद्र शुक्ला, गौरव पांडेय, अंकित मिश्रा, अंकित द्विवेदी, अंशुमान सिंह, धीरज पांडेय, धनंजय चौधरी, राघवेंद्र मिश्रा, यशवंत पटेल, अटल बिहारी पटेल आदि शामिल रहे। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य बाबूलाल गुप्त, सुनील कुमार सनी, केशव पाल आदि भी उपस्थित रहे। विधायक व डीएफओ ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा रथ को रवाना किया।