बांदा। टीके के बाद दर्द से रात भर बच्चों की
चीख-पुकार संवेदनहीन स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं तोड़ पाई। ‘अमर उजाला’
में खबर छपने के बाद विभाग जागा और आनन-फानन में टीम भेजकर बीमार बच्चों का
इलाज कराया।
टीकाकरण के बाद बच्चों की हालत देखकर अन्य ग्रामीणों
ने टीका लगवाने से इनकार कर दिया है। बीमार बच्चों को स्वस्थ होने में अभी
कई दिन लगेंगे।
मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर बड़ोखर खुर्द पीएचसी
के अंतर्गत कहला गांव में शनिवार की सुबह एएनएम उर्मिला ने गांव के तमाम
बच्चों को पेंटावायलेंट नामक टीका लगाया था।
कुछ घंटे बाद ही
दर्जनों बच्चों के पैरों में सूजन आ गई। बच्चे दर्द से रोने लगे। इनको
बुखार भी हो गया। एएनएम गांव से जा चुकी थी। ग्राम प्रधान ओमप्रकाश निषाद
ने स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर बल्देव को फोन पर सूचना दी।
सुपरवाइजर ने सुबह आने की बात कहकर टरका दिया। 15 माह के बच्चे अमर के पिता धीरज निषाद ने देर रात फोन पर ‘अमर उजाला’ को खबर दी।
हमारे
संवाददाता ने सीएमओ और अपर सीएमओ को फोन किया, किंतु इनके फोन नहीं उठे।
एडीएम डीएस पांडेय को फोन किया तो उन्होंने कहा कि वे रात में ही सीएमओ को
सूचना दे रहे हैं, लेकिन रात भर स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी या
कर्मचारी कहला गांव नहीं पहुंचा।
बच्चे पूरी रात दर्द से चीखते
रहे। ‘अमर उजाला’ में प्रमुखता से खबर छपने के बाद रविवार की सुबह
स्वास्थ्य विभाग की टीम आवश्यक दवाओं के साथ कहला गांव पहुंची।
नवीन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ोखर के चिकित्साधिकारी डॉ. मेहेरभूषण निगम
के नेतृत्व सुपरवाइजर बल्देव, एएनएम उर्मिला देवी और एलएचबी निर्मला देवी
ने बच्चों की जांच की।
उन्हें सीरप और गोलियां दीं। साथ ही बच्चों
के अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि दो-तीन दिन में बच्चे ठीक हो जाएंगे।
हालांकि दूसरे दिन भी बच्चों को दर्द और बुखार रहा। स्वास्थ्य विभाग ने
टीकाकरण के बाद बीमार बच्चों की संख्या मात्र 28 स्वीकारी है, जबकि इनकी
संख्या इससे कहीं ज्यादा है।
उधर, टीकाकरण के बाद बच्चों की हालत
देखकर ग्रामीणों ने भविष्य में बच्चों को टीका लगवाने से इनकार कर दिया।
बीमार बच्चे के पिता धीरज निषाद ने बताया कि गांव के लोग सहमे हैं। अब टीका
लगवाने को तैयार नहीं हैं।
एएनएम का तबादला, सुपरवाइजर पर होगी कार्रवाई
बांदा।
इस मामले में सीएमओ डॉ. एके सिंह का कहना है कि वे लापरवाही बरतने वाले
विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। फौरी तौर पर कहला गांव की
एएनएम का तबादला कर दिया है।
ग्राम प्रधान की सूचना के बाद भी
सुपरवाइजर बल्देव द्वारा तत्काल कार्रवाई न करने पर उसके विरुद्ध भी
कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि बच्चों को पोलियो, डिप्थीरिया, काली
खांसी और टिटनेस आदि रोगों से बचाने के लिए नई वैक्सीन आई है। यही वैक्सीन
कहला गांव के बच्चों को लगाई गई है।
सिंकाई की सलाह पर नहीं किया अमल
बांदा।
बच्चों को टीका लगाने वाली एएनएम उर्मिला ने सफाई दी कि टीका लगाने के बाद
बच्चों के घर वालों से उसने कहा था कि ठंडे पानी से बच्चे की सिंकाई कर
दें।
यह भी बताया था कि दर्द होगा और बुखार भी आएगा, लेकिन गांव
वालों ने उसकी सलाह पर अमल नहीं किया। एएनएम ने बताया कि सभी बच्चों को
पहली बार टीका लगा है।