हैंडपंप पर पानी लेतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
बांदा/करतल। पानी के लिए ग्रामीणों की अनदेखी करते रहे अफसर खबर छपने के बाद सूबे की सीमा पर आबाद गांवों में जाने को मजबूर हो गए। हालांकि अपने बचाव में मनचाही वीडियोग्राफी कर ली। ग्रामीणों को टैंकर से पानी की आपूर्ति और खराब हैंडपंपों को दुरुस्त करने का भरोसा दिलाया।
मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित बांदा के मगदा पुरवा (रेहुंची) आदि गांवों में भीषण पानी के संकट की फरियादें गांव के लोग अफसरों और तहसील दिवसों में करते रहे लेकिन किसी ने एक न सुनी। पानी के संकट से आजिज आकर कुछ परिवार पड़ोसी मध्य प्रदेश के गांवों मेें अपने रिश्तेदारों के यहां मय गृहस्थी के पलायन कर गए। पलायन करने की लाइव फोटो सहित खबर बृहस्पतिवार (21 अप्रैल) को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित की। इस खबर ने कड़ाके की लू-धूप में भी मुख्यालय से काफी दूर एमपी की सीमा पर आबाद इन गांवों में जाने के लिए मजबूर कर दिया।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) राम कुमार सिंह और बीडीओ तथा एडीओ पंचायत गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने पानी का संकट बयां किया। मगदा पुरवा के बाबूलाल, जगदीश, रामस्वरूप, महेश्वरीदीन जानकी आदि ने कहा कि वह पानी के लिए लगातार आरजू मिन्नत कर रहे हैं, पर कहीं सुनवाई नहीं हुई। इस गांव में चार हैंडपंप मेें तीन खराब है। सीडीओ ने उन्हें शीघ्र दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया। साथ ही हैंडपंपों के पास चरही बनाकर पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था कराने का भी भरोसा दिलाया। मगदा पुरवा में टैंकरों से पानी आपूर्ति की बात कही।
अफसरों की टीम ने असलियत पर कुछ पर्दा डालने की भी कोशिश की। अपने मोबाइल फोन से उन हैंडपंपों को ग्रामीणों से चलवाकर फोटोग्राफी की जिनमें पानी की पतली धारा निकलती है। वह भी काफी देर तक हैंडपंप का हैंडिल चलाने के बाद। इन फोटो से यह दर्शाने की कोशिश की गई कि पानी का कुछ खास संकट नहीं है। पलायन के बारे मेें भी कहा कि रिश्ते, बिरादरी में अक्सर लोग आते-जाते रहते हैं। सीडीओ ने ग्राम प्रधान गौरी सिंह राजपूत से कहा कि तीन दिन के अंदर हैंडपंप दुरुस्त कराकर चरही बनाएं। टैंकर की भी व्यवस्था करें। सीडीओ ने ग्राम प्रधान को पेयजल की समस्या अधिकारियों को न बताने पर फटकारा।
सीडीओ बोले- तहसीलदार से कहो
करतल। ग्रामीणों की कई फरियादों और शिकायतों पर सीडीओ यही जवाब देते रहे कि तहसीलदार से कहो। ग्रामीणों ने कहा कि पशुओं के लिए भूसा और पानी नहीं है। सीडीओ बोले-तहसीलदार से कहो। ग्रामीणों ने कहा सूखा राहत की चेक अभी तक नहीं मिली। सीडीओ बोले-तहसीलदार से कहो। अलबत्ता मनरेगा में काम दिलाने और कुओं में सफाई कराकर बोरिंग कराने का भरोसा दिलाया।