सर्किट हाउस में केंद्रीय दल के सदस्य और मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू और डीएम योगेश कुमार।
बांदा। प्रदेश सरकार द्वारा बुंदेलखंड को औपचारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित करने के बाद केंद्र सरकार ने भी इस ओर रुख किया है। बुंदेलखंड के हालात की असलियत जानने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी टीम यहां भेजी है। पिछले दिनों से यह टीम बुंदेलखंड का जायजा ले रही है। सोमवार को शाम यह टीम बांदा पहुंची। इनमें तीन केंद्र सरकार के सदस्य हैं। एक प्रदेश सरकार के सदस्य शामिल हैं।
देर शाम यहां आई केंद्रीय टीम ने सर्किट हाउस में मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू और डीएम योगेश कुमार सहित कृषि, सिंचाई व कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। स्थानीय अधिकारियों ने केंद्रीय दल को पूरे जनपद की सूखे की स्थिति से अवगत कराया।
साथ ही प्रोजेक्टर के जरिये कई गांवों के हालात दिखाए। बताया कि सूखे से रबी की फसल कितनी ज्यादा प्रभावित हुई है। गेहूं मात्र नौ प्रतिशत पैदा हुआ है। नहरें सूखी पड़ी हैं। अन्ना जानवर बड़ी तादाद में हैं। स्थानीय प्रशासन ने यह भी सुझाव दिया कि बांदा की नहर प्रणाली को यमुना नदी से जोड़ा जाए।
गेहूं खरीद केंद्र की तर्ज पर दलहनी और तिलहनी फसलों के खरीद केंद्र भी खोले जाएंगे। देर रात तक मीटिंग जारी थी। केंद्रीय दल में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारी आशीष बनर्जी, जीके भाष्कर और आरपी दुबे शामिल हैं। इनके अलावा प्रदेश सरकार के सदस्य के रूप में प्रदेश कृषि निदेशालय के अधिकारी एनके भाटिया शामिल हैं। मंगलवार को केंद्रीय टीम गांवों का निरीक्षण करेगी। यही टीम चित्रकूट का भी जायजा लेगी।