बांदा। नाबालिगों के साथ यौन शोषण में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद निलंबित जेई रामभवन को पुरुष बैरक तीन बी में रखा गया है। जबकि उसकी पत्नी दुर्गावती को महिला बैरक संख्या 13 में रखा गया है। जेल पहुंचने के बाद दोनों सामान्य स्थिति में हैं। शाम को खाना भी खाया था।
कर्वी सिंचाई विभाग में तैनात निलंबित जेई रामभवन को सीबीआइ ने 16 नवंबर को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया था। जिसके बाद उसे मंडल कारागार भेज दिया गया था। साक्ष्यों के आधार पर सह दोषी उसकी पत्नी दुर्गावती की भी गिरफ्तारी 28 दिसंबर को की गई थी। दोनों बांदा जेल में निरुद्ध चल रहे थे। फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को उसी बैरक में शिफ्ट किया गया है। जहां वह निरुद्ध चल रहे थे। जेलर आलोक कुमार ने बताया कि दोनों को उसी बैरक में रखा गया है, जहां वह पहले से निरुद्ध चल रहे थे।