फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banda News: एसटीएफ कर रही थी ओम मेडिकल एजेंसी की निगरानी, निरस्त हो चुका था लाइसेंस

विज्ञापन
विज्ञापन
कोडीनयुक्त कफ सिरप का अवैध कारोबार
विज्ञापन

-
-मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता के जीजा के नाम थी फर्म
-पुलिस कर रही फर्म मालिक की तलाश

अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। कोडीनयुक्त कफ सिरप को नशे के अवैध कारोबार में खपाने वाले गिरोह की कुछ कड़ियां एसटीएफ के हाथ लग गईं थीं। इसके बाद से ही एफटीएफ हमीरपुर की फर्म ओम मेडिकल एजेंसी की निगरानी कर रही थी। खास बात यह है कि इस फर्म का लाइसेंस दवाओं के गलत इस्तेमाल के आरोप में कुछ महीने पहले ही निरस्त हो चुका था। जैसे ही नया ऑर्डर हुआ तो एसटीएफ ने माल समेत आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी पलाश बंसल ने बताया कि ओम मेडिकल एजेंसी, टेढ़ा, हमीरपुर का लाइसेंस निरस्त होने की जानकारी एसटीएफ को भी थी। फर्म की गतिविधियां संदिग्ध होने के कारण एसटीएफ पहले से ही इस पर नजर रख रही थी। सितंबर की शुरुआत में जैसे ही ओम मेडिकल एजेंसी के नाम पर कोडीनयुक्त कफ सिरप का बिल कटा, एसटीएफ सक्रिय हो गई। इसके बाद टीम ने निगरानी और तलाश शुरू की। इसी दौरान अवैध तरीके से लाई जा रही 30 हजार शीशी कोडीनयुक्त कफ सिरप की खेप बरामद कर ली गई। इसकी कीमत करीब 60.45 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, सिरप को नशे के अवैध कारोबार में खपाने की तैयारी थी।
विज्ञापन

मामले में मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूछताछ में प्रियांशु ने अपने जीजा रविंद्र गुप्ता समेत कुछ अन्य लोगों के नाम बताए हैं। अब पुलिस इनकी भूमिका की जांच करते हुए गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि निरस्त लाइसेंस वाली फर्म के नाम पर इतनी बड़ी मात्रा में सिरप का बिल कैसे कटा और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
ये था मामला
30 हजार शीशी सिरप बरामद, पांच गिरफ्तार
बिसंडा थाना क्षेत्र में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास तीन सितंबर को एसटीएफ और बिसंडा पुलिस की संयुक्त टीम ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की बड़ी खेप पकड़ी थी। डीसीएम से तीन हजार शीशी सिरप बरामद होने के साथ ही मामले की जांच आगे बढ़ी। पूछताछ और जांच में सामने आया कि गिरोह बड़ी मात्रा में सिरप मंगाकर उसे नशे के अवैध कारोबार में खपाता था। इसी कड़ी में 30 हजार शीशी की करीब 60.45 लाख रुपये कीमत की खेप भी बरामद हुई।
-
अतर्रा के कई मेडिकल स्टोर पुलिस के रडार पर
(अतर्रा) बांदा। कोडीनयुक्त सिरप को नशे के अवैध कारोबार में खपाने के मामले में पुलिस की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अब अतर्रा और आसपास के कई मेडिकल स्टोर संचालक भी पुलिस के निशाने पर हैं। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस इनकी गतिविधियों की पड़ताल और रेकी कर रही है। जांच में सामने आया है कि कुछ मेडिकल स्टोर पर कोडीनयुक्त सिरप के रैपर बदलकर, जबकि कुछ जगह बिना रैपर बदले ही बिक्री किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस इन सूचनाओं की पुष्टि में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद कई संचालकों की गिरफ्तारी हो सकती है। (संवाद)
विज्ञापन


जांच में मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता के राजनीतिक लोगों से नजदीकी बढ़ाने के प्रयास की बात भी सामने आई है। वह भाजपा के बड़े आयोजनों से संबंधित पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा करता था। मुख्यमंत्री या अन्य बड़े नेताओं के बांदा आने पर स्वागत से जुड़े पोस्टर भी अपने फेसबुक अकाउंट पर डालता था। उसका सोशल मीडिया अकाउंट ऐसी पोस्ट से भरा होने की बात सामने आई है। पुलिस अब उसके संपर्कों और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें