बांदा। वैक्सीनेशन को लेकर स्वास्थ्य विभाग का गजब खेल सामने आया है। करीब दो माह पूर्व मर चुकी वृद्ध महिला को दूसरी डोज लगा दी गई है। बाकायदा दोनों डोज लगने का सर्टिफिकेट भी पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया।
टीकाकरण को लेकर हुई इस अंधेरगर्दी का खुलासा मोबाइल पर मैसेज आने के बाद हुआ। सीएमओ ने लापरवाही को गंभीरता से लिया और जांच के निर्देश दिए हैं। सर्वोदय नगर निवासी रिटायर्ड प्रधानाध्यापक ललित बिहारी निगम की पत्नी शांति निगम ने 22 मार्च को कोविशील्ड की पहली डोज लगवाई थी। कुछ दिन बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और 27 अप्रैल को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
हैरत की बात यह है कि शांति निगम को 23 जून को 3 बजकर 14 मिनट पर दूसरी डोज लगाए जाने का मैसेज उनके मोबाइल नंबर पर भेज दिया गया। दोनों डोज लगने के बाद कोविड-19 वैक्सीनेशन का फाइनल सर्टिफिकेट भी भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया।
मृतक को दूसरी डोज लगने और सर्टिफिकेट जारी होने का मोबाइल पर मैसेज आते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से आपत्ति दर्ज कराई। परिजनों ने आरोप लगाया कि टीकाकरण के नाम पर मजाक हो रहा है। मरने वालों को भी डोज लगाई जा रही है।
उधर, सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। तथ्य जुटाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पोर्टल में कैसे अपलोड हुआ, किसकी लापरवाही से यह गड़बड़ी हुई, इसकी जांच कराएंगे। दोषी स्वास्थ्य कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।