बांदा। नदी किनारे आबाद कनवारा के कन्या जूनियर हाईस्कूल को बिना सरकारी मदद के जिले का इकलौता हाईटेक स्कूल बना दिया। स्कूल की 81 छात्राओं के बीच गुरु के साथ अभिभावक की भी भूमिका अदा कर रहे आशुतोष की ताजपोशी ‘राज्य अध्यापक पुरस्कार’ से हुई है। खास बात यह है कि आशुतोष जिले के हजारों प्राथमिक शिक्षकों के भी अगुवा हैं। वह उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष हैं।
केन नदी किनारे आबाद पिछड़े गांव कनवारा (बड़ोखर ब्लाक) में कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक आशुतोष त्रिपाठी को राज्यस्तरीय पुरस्कार का हकदार बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी है। उन्होंने बिना किसी सरकारी मदद के विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में तब्दील कर दिया।
अपने संबंधों की बदौलत संपन्न घरानों की मदद से स्कूल की हरेक कक्षाओं में स्मार्ट टीवी (वाईफाई सुविधा सहित), छह कंप्यूटर सेट, वाटर कूलर, स्टेबलाइजर, सीसीटीवी कैमरे, किचन गार्डेन, मल्टीपल हैंडवॉश, पेड़-पौधे और व्यवस्थित कक्षाओं की उपलब्धियों में ही राज्यस्तरीय पुरस्कार तक पहुंचा दिया। आशुतोष बताते हैं कि उनके पिता भी शिक्षक थे।
उन्हीं के प्रेरणा से इस मुकाम तक पहुंचे हैं। साथ ही विद्यालय के शिक्षक अजय सिंह, सुशील सिंह, अंजना, प्रमोद भी उनके इस प्रयास और सम्मान में सारथी रहे। आशुतोष त्रिपाठी ने अपना पुरस्कार विद्यालय की बालिकाओं के प्रति समर्पित बताया।
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, कनवारा का रंग-रोगन से संवरा भवन।- फोटो : BANDA