चित्रकूट/बरगढ़/खोही। एक साल पहले यूपी-एमपी के चार जिलों को जोड़ने वाली बरगढ़-गाहुर सड़क की मरम्मत में ग्रामीण अभियंत्रण व लोक निर्माण विभाग ने 20 लाख रुपये खर्च किए। मौजूदा समय सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। पानी व दलदल के बीच से होकर लोगों को गुजरना पड़ता है। लोगों का कहना है कि 42 गांवों को जोड़ने मार्ग की मरम्मत के लिए जिम्मेदार भी मौन साधे हैं।
पांच किलोमीटर लंबी बरगढ़ गाहुर रोड पर जगह-जगह गड्ढे हैं। जिनमें जलभराव होने से लोगों को खासी परेशानी होती है। गाहुर निवासी हरिशंकर ने बताया कि इस रोड से लगभग 42 गांव जुड़े हैं। इसमें मनका, ढोडिया, शिवपुर, कटिया दांडी, रैपुरा, बिरला, डूबी आदि गांव पड़ते हैं।
इसके अलावा एमपी बार्डर भी पड़ता है। जहां से वाहनों का रींवा व सतना आना-जाना रहता है। स्कूली बसें भी छात्र-छात्राओं को लेकर निकलती हैं। रास्ते में पानी व कींचड़ होने से बसें निकल नहीं पाती। पूर्व प्रधान प्रकाश केसरवानी, अमित, राकेश, छेदी शुक्ला आदि ने सड़क बनवाने की मांग की है।
कामदगिरि वार्ड के सभासद अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यूपी-एमपी सीमा को यह सड़क जोड़ती है। बाईपास के पास सड़क पूरी तरह से उखड़ गई है। स्थानीय मेवालाल, अजय कुमार, अंकित, सतलुज, जानकी, संतोष ने बताया कि इस सड़क से श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। कई बार स्कूली छात्र-छात्राएं भी फंसे रहते हैं।
जिम्मेदार बोले-जल्द सुधारी जाएंगी जर्जर सड़कें
ग्रामीण अभियंत्रण सेवाएं विभाग के एई अनुराग शर्मा ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना में खोदाई के कारण सड़क टूट गई है। इसकी मरम्मत कराई जा रही है। बरगढ़-गाहुर मार्ग को गाजियाबाद की आर जी बिल्डेवल ने बनवाया है। कंपनी को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द ही इसका सुधार कार्य कराएं।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार ने बताया कि बरगढ़ से मप्र की ओर जोड़ने वाली एक सड़क उनके विभाग की है। जिसकी जानकारी की जा रही है। खराब होने पर उसकी मरम्मत कराई जाएगी। उधर रजौला बाई पास चित्रकूट की सड़क खराब होने के मामले में नगर पंचायत के ईओ अंकित सोनी ने बताया कि जल्द ही यह सड़क बनवाई जाएगी।
फोटो05सीकेटीपी-4- परिचय- यूपीएमपी को जोडृ़ने वाली बगरढ़ -रींवा की सड़क का हाल, जलभराव कींचड से