लागत से आठ गुना ज्यादा टोल टैक्स वसूल लेने के बाद भी नेशनल हाइवे पर केन नदी में बैरियर लगाकर की जा रही वसूली अंतत: बंद हो गई। पीडब्ल्यूडी और वसूली ठेकेदार 31 मार्च तक ठेके की बात कहकर टोल टैक्स वसूलने में जुटे थे।
जनवरी से ‘अमर उजाला’ में इस अवैध वसूली के खिलाफ लगातार छप रही खबरों ने होली पर रंग दिखाया। वसूली करने वाले अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर चले गए हैं। उनके कार्यालय में ताला पड़ गया है और बैरियर हटा दिया गया है।
बांदा-महोबा मार्ग पर नेशनल हाइवे-76 के किलोमीटर 211 में केन नदी पर पीडब्ल्यूडी ने 1981-82 में पुल तैयार कर चालू किया था। तभी से इसमें बैरियर लगाकर वाहनों से टोल टैक्स वसूला जा रहा था। पुल की लागत 1.56 करोड़ रुपये थी।
चक्रवृद्धि ब्याज का कुछ खेल ऐसा चला कि कई गुना लागत निकल आने के बाद भी टोल टैक्स की वसूली चलती रही। हालांकि बीच-बीच में इसका विरोध हुआ, पर पीडब्ल्यूडी साल दर साल ब्याज बढ़ने के आंकड़े परोसकर यही दर्शाती रही कि अभी लागत पूरी वसूल नहीं हुई है।
17 फरवरी 2015 को ‘अमर उजाला’ ने प्रथम पृष्ठ पर ‘बांदा का केन नदी पुल हुआ टोल फ्री’ शीर्षक से खबर छापी थी कि केंद्र सरकार ने पुल का टोल टैक्स जनवरी माह में खत्म कर दिया है, लेकिन यहां के पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और टोल टैक्स वसूलने वाले ठेका कंपनी का कहना था कि वसूली का ठेका 31 मार्च 2015 तक है इसलिए वसूली होती रहेगी।
इस पर 28 फरवरी को ‘अमर उजाला’ में फिर खबर छपी कि 1.56 करोड़ लागत वाले पुल पर अब तक 8.57 करोड़ टोल टैक्स वसूला जा चुका है। केंद्र सरकार द्वारा टोल टैक्स फ्री कर दिए जाने के बाद भी ठेकेदार और विभाग 31 मार्च तक वसूली पर अड़े हैं।
‘अमर उजाला’ की इन खबरों पर क्षेत्रीय बाशिंदों मटौंध नगर पंचायत प्रतिनिधियों ने टोल टैक्स खत्म न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। 4 मार्च को ‘पुल पर टोल टैक्स न रुका तो आंदोलन’ हेडलाइन से फिर खबर प्रकाशित की गई।
अंतत: अगले ही दिन होलिका दहन की रात टोल टैक्स वसूल रहे ठेकेदार के लोग अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर कूच कर गए। बैरियर हटा दिया गया और टोल टैक्स वसूली बंद हो गई है। टोल टैक्स वसूली बंद होने से यहां से गुजरने वाले छोटे-बड़े लगभग एक हजार वाहनों को राहत मिली है।
सबसे ज्यादा फायदा मटौंध और कबरई तथा केन नदी घाटों से बालू तथा गिट्टी भरकर रोजाना निकलने वाले कई सैकड़ा ट्रकों को हुआ है। अमावस्या आदि पर मध्य प्रदेश तथा अन्य जनपदों से चित्रकूट जाने वाले तीर्थ यात्रियों के वाहनों को भी टोल टैक्स से राहत मिलेगी।