बांदा। धान की खरीद के लिए क्रय केंद्र तो खुल गए, लेकिन बिकने के लिए धान नहीं आ रहा। वजह देर से मानसून का आना बताया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि धान अभी खेतों में खड़ा है। इसे आने में अभी 15 दिन लग जाएंगे।
जिले में धान की खरीद के लिए खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीएसएस के 33 क्रय केंद्र चार नवंबर से खुल गए हैं। भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र गल्ला मंडी में अभी नहीं खुला। शासन ने इस वर्ष 3700 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। जिसमें खाद्य विभाग 1800, पीसीएफ 12, यूपीएसएस 6 और भारतीय खाद्य निगम एक हजार मीट्रिक टन धान खरीदेगा। मंगलवार को खरीद केंद्रों की पड़ताल की गई तो गल्ला मंडी तिंदवारी रोड में खाद्य निगम व उपभोक्ता सहकारी संघ का क्रय केंद्र खुला था। केंद्र प्रभारी भी मौजूद थे। बैनर व इलेक्ट्रिाॅनिक कांटा आदि रखा था, लेकिन धान बेचने के लिए कोई भी किसान मौजूद नहीं था।
उपभोक्ता सहकारी संघ के केंद्र प्रभारी शिवगोपाल ने बताया कि किसानों का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अभी 15 दिन उनके आने की उम्मीद नहीं है। यहां मानसून देर से आने के कारण धान की बेड देर से लगाई गई है। धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। किसानों से निरंतर संपर्क किया जा रहा है। कमोवेश यही स्थिति तिंदवारी, बिसंडा, मंडी समिति अतर्रा, नरैनी, बबेरू में भी खाद्य विभाग के क्रय केंद्रों में देखने को मिली। जिला विपणन अधिकारी रामानंद ने क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर नियमित केंद्र खोलने की हिदायत दी। कहा किसान आए या न आए क्रय केंद्र खुलेगा।
समर्थन मूल्य
क्रय केंद्रों में कॉमन धान 2300 व ग्रेड के धान की खरीद 2320 क्विंटल की जाएगी। भुगतान अधिकतम 72 घंटे के अंदर पीएफएमएस के आधार पर सीधे किसान के खाते में किया जाएगा।
कचरे में छूट
क्रय केंद्रों पर किसानों को बदरंग, अंकुरित धान पर पांच, संकुचित व सिकुड़े धान पर तीन, अधोमानक प्रजाति के अपमिश्रण पर छह, नमी में एक फीसदी की छूट दी जाएगी।
टोल फ्री नंबर
किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत हो तो वह टोल फ्री नंबर 18001800150 या जिला विपणन अधिकारी रामानंद के मोबाइल नंबर-9415629261 पर कर सकता है।