बांदा। हत्या में जमानत में छूटे सजायाफ्ता कैदी ने फंदा लगाकर जान दे दी। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पत्नी ने बताया कि शराब का लती होने से मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता था। इसी कारण आत्मघाती कदम उठाया है।
शहर कोतवाली के मर्दननाका मोहल्ला गधेड़ मोहाल निवासी रामकरन सोनकर (65) ने बुधवार को तहमत से फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के समय पत्नी कल्ली मंडी में सब्जी बेचने गई थी। काफी देर तक घर के बाहर नहीं निकले तो बहू सोना ने आवाज दी, लेकिन रामकरन ने कोई जवाब नहीं दिया।
बहू ने सास कल्ली को फोन से सूचना दी। सास घर लौटी। उसने पड़ोसियों के सहयोग से सब्बल से दरवाजा तोड़ा तो रामकरन फंदे में लटके मिले। हंसिया से फंदा काटकर नीचे उतारा, लेकिन तब तक सांसें थम चुकी थीं। पत्नी कल्ली ने बताया कि 10 साल पहले केन नदी के बंधा के पास एक हत्या के मामले में रामकरन सोनकर को पुलिस ने जेल भेज दिया था। उस समय वह केन नदी से मौरंग भरने की मजदूरी करता था। बाद में जिला न्यायालय से उसे सजा हो गई थी। बताया कि जेल जाने के बाद वह 10 साल तक जेल में रहा था। उच्च न्यायालय में अपील करने के बाद उसकी जून माह 2024 में जमानत हुई थी।
जेल से छूटने के बाद पति कुछ माह तक सही रहे। इसके बाद शराब अधिक पीने लगे थे। इससे उनका मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं रहता था। इसी के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है। सब्जी बेचने से परिवार का भरण पोषण होता था।
उनके पास जमीन नहीं है। उनके चार बेटे प्रयागराज के ईंट-भट्ठों में मजदूरी करते हैं। इससे वह प्रयागराज में थे। शहर कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।