महज 30 मिनट की तेज बारिश और आंधी ने चित्रकूटधाम मंडल में बिजली का बंटाधार कर दिया। जगह-जगह खंभे और लाइनें गिरने से पावर कारपोरेशन को लगभग 60 लाख रुपये की चपत लगी। मंगलवार को दूसरे दिन भी बिजली आपूर्ति बुरी तरह बाधित और अस्त-व्यस्त रही। तमाम इलाकों में 30 से 35 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इसका सीधा असर पानी आपूर्ति पर पड़ा। पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची रही।
सोमवार को दोपहर बाद आई आंधी और कुछ मिनट की तेज बारिश ने ‘छुईमुई’ का फूल बन चुके मंडल के बिजली सिस्टम को धराशाई कर दिया। गांवों की कौन कहे मंडल मुख्यालय बांदा शहर में जगह-जगह फाल्ट आईं। मरम्मत के नाम पर आधी रात तक कर्मचारी जुटे रहे लेकिन कुछेक मोहल्लों को छोड़कर आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई।
सबसे ज्यादा भूरागढ़ फीडर की दुर्गत हुई। यह फीडर सोमवार को सुबह ही बंद हो गया था। फिर चालू होने की नौबत नहीं आई। आंधी ने कई जगह खंभे और लाइनें तोड़ दिए। बिजली अभियंताओं को फाल्ट ढूंढने में दो दिन लग गए। मंगलवार को दोपहर बाद यह फीडर चालू हो पाया।
इसी तरह तुलसी नगर फीडर सोमवार से ठप हुआ तो मंगलवार को शाम तक नहीं शुरू हुआ। इससे जुड़े इलाकों में बिजली की हायतोबा मची रही। चित्रकूटधाम मंडल मुख्य अभियंता एके सक्सेना ने बताया कि बांदा के अलावा चित्रकूट में कई स्थानों पर फाल्ट आई है। हमीरपुर में राठ और महोबा में कबरई व खन्ना क्षेत्रों में आंधी से आपूर्ति बाधित हुई है।
उधर, बिजली बगैर पानी भी नहीं मिला। गर्मी में लोग रात और दिन पानी के लिए दूर-दूर तक भटकते रहे। जल संस्थान के टैंकर गिने-चुने स्थानों पर ही पहुंच पाए। मंगलवार को देर रात तक कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो पाई। कुछ स्थानों पर चालू होने के बाद आंख मिचौली का सिलसिला चलता रहा।