बांदा। भीषण सूखे की मार केन नदी में सब्जी उगाने वाले किसानों पर भी पड़ी है। जलस्तर कम होने से सिंचाई के अभाव में सब्जी की फसल चौपट हो गई। भुखमरी की कगार पर पहुंचे सब्जी किसानों ने प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की। बर्बादी का जिम्मेदार जल संस्थान को बताया।
केन नदी का जलस्तर लगातार घटने की वजह से शहर में पेयजल का संकट मंडराने लगा था। जल संस्थान ने इंटेकवेल के कुओं तक पानी लाने के लिए लगभग 10 किलोमीटर खुदाई कर नदी की जल धारा मोड़ दी। नदी में कई जगहों पर जमा पानी भी नहर के जरिये इंटेकवेल आ गया। नतीजतन रेत में सब्जी की बारियां लगाने वाले किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाया।
ग्योड़ी बाबा गांव के अधिकांश किसानों की सब्जी बारियां सूख गईं। लौकी, तरोई, टमाटर, ककड़ी, कद्दू आदि की फसलें नष्ट हो गई। शुक्रवार को ग्योड़ी बाबा गांव के किसानों ने चौपट सब्जी की फसल लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इनमें अधिकांश महिलाएं थीं। डीएम को ज्ञापन देकर मुआवजा की मांग की।
यह भी कहा कि सब्जी की फसल नष्ट होने से परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया। भरण-पोषण के लिए मुफ्त राशन दिलाने का भी अनुरोध किया। ज्ञापन देने वालों में भारतीय किसान यूनियन मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी, जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी समेत कुसुमा, सावित्री, मुलिया, बसंती, फूलकुमारी, राजाबाई, बुधिया, चंपा, सुंदरिया, रजवा, जगदीश, पार्वती, रामगुलाम, सियाराम, बाबू इत्यादि मौजूद रहे।