केन मुख्य नहर में बालू माफियाओं द्वारा बनवाया गया आरपार पुल।
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करतल (बांदा)। बालू माफिया ने एक और दुस्साहसपूर्ण कार्य किया है। बांदा जिले की हजारों एकड़ जमीन की सिंचाई और सैकड़ों तालाबों को भरने वाली मुख्य केन नहर में आरपार रास्ता बनाकर नहर का निकास बंद कर दिया है। इस रास्ते से दिन-रात अवैध खनन से निकाली जा रही बालू के ट्रक गुजारे जा रहे हैं। इन वाहनों ने नहर में बनी सरकारी पुरानी पुलिया भी तोड़ दी है। उधर, गांवों की तंग गलियों में ट्रकों और डंपरों की धमाचौकड़ी मची है। पुलिस और प्रशासन ने इससे अनभिज्ञता जताई है।
नरैनी क्षेत्र के बिल्हरका गांव के पास बरियारपुर से आई मुख्य केन नहर के चौड़े पाट में आरपार मिट्टी और गिट्टी डालकर पुल बना लिया गया है। नहर के पानी का निकास पूरी तरह बंद हो गया है। इस अवैध पुल से रात-दिन बालू भरे अवैध ट्रक निकाले जा रहे हैं।
यह बालू मध्य प्रदेश के उदयपुर, सोनैहला और मझगांये घाटों से निकाली जा रही है। फिलहाल बांध में पानी न होने से नहर बंद है। कुछ दिन बाद बारिश शुरू होते ही नहर में पानी चालू हो जाएगा, लेकिन नहर में अवैध पुल बनाने से पानी आगे नहीं बढ़ सकेगा। ऐसे में बांदा जिले की हजारों बीघा जमीन असिंचित रह जाएगी। साथ ही नहर में पानी बढ़ा तो दोनों ओर के गांवों में बाढ़ के हालात पैदा हो जाएंगे।
बालू माफिया बांदा के रगौली, सिद्धपुर, भांवरपुर और रानीपुर आदि गांवों की तंग गलियों से बालू के वाहन गुजार रहे हैं। मजरा छत्ता पुरवा में सैकड़ों ट्राली बालू अवैध रूप से डंप की जा रही है। इन गांवों के ग्रामीणों में रोष है। चेतावनी दी है कि नरैनी-पन्ना मार्ग पर जाम लगाकर विरोध जताएंगे। उधर, नरैनी एसडीएम डॉ. सीएल सोनकर ने कहा है कि उन्हें फिलहाल इसकी जानकारी नहीं दी गई है। अवैध खनन या पुल मध्य प्रदेश क्षेत्र में बताया जा रहा है। फिर भी वे इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।