धान बेचने के लिए बारी के इंतजार में किसान।
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धान खरीद केंद्रों पर दूसरे दिन रविवार को एसडीएम का आदेश ठेंगे पर रहा। सीधे मिलों में धान बेचने के लिये पर्चियां न मिलने से किसान भटकते रहे। किसानों ने धान न खरीदे जाने पर पहली फरवरी से भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
मंडी परिषद स्थित धान खरीद केंद्रों पर दूसरे दिन भी कोई सुधार नहीं हुआ। रविवार को दोपहर एक बजे तक केंद्रों पर धान तौल के लिए तराजू तक नहीं लगाया गया। कड़ाके की सर्दी में ट्रालियों में धान लिए किसान तौल शुरू होने का इंतजार करते रहे। एसडीएम अरविंद कुमार तिवारी ने शनिवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझा-बुझाकर केंद्र प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही पर्चियां देकर सीधे राइस मिलों में धान बेचने का भरोसा दिया था।
लेकिन अधिकारियों के आदेश को दरकिनार करते हुए प्रभारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। हस्तम गांव के किसान रविंद्र सिंह, ओरहा के प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, बिहारीलाल, चंद्रप्रकाश, राममनोरथ, ओंकारनाथ तिवारी, गुमाई के दीपक सिंह, सेमरिया के रामप्रसाद तिवारी, बबलू सिंह, द्वारिका प्रसाद, कमल प्रसाद आदि ने कहा कि एसडीएम ने भरोसा देकर आंदोलन व जाम खत्म करा दिया। लेकिन यहां उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
धान खरीद के लिए सिर्फ दो दिन का समय बचा है। 31 जनवरी के बाद केंद्र बंद हो जाएंगे। ऐसे में मंडी में तौल के लिए पड़ा करीब चार हजार क्विंटल से ज्यादा धान आढ़तियों को औने-पौने दाम में बेचना पड़ेगा। किसानों ने पहली फरवरी से आमरण अनशन की चेतावनी दी। एसडीएम अरविंद तिवारी ने बताया कि किसान सब्र रखें। उनका धान तौला जाएगा और समय से भुगतान मिलेगा। क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।