बांदा। मतगणना केंद्रों में ग्राम प्रधान चुनाव के नतीजे आते ही विजयी प्रत्याशियों को समर्थकों ने फूल मालाओं से लाद दिया।
जिस गांव के नतीजे घोषित हो जाते, वहां के प्रत्याशी और समर्थक वाहनों के काफिले के साथ अपने-अपने गांव की ओर कूच करते रहे।
जोश
में होश खो बैठे कुछ समर्थकों से पुलिस की झड़प भी हुई। निर्वाचन
अधिकारियों ने निर्वाचित प्रधानों को प्रमाण पत्र दिए। देर रात तक मतगणना
जारी रही।
रविवार को सुबह आठ मतगणना केंद्रों में 213 टेबल पर
प्रधान व सदस्य की मतगणना शुरू हुई। प्रत्येक न्याय पंचायत में दो टेबल पर
ग्राम प्रधान और एक टेबल पर सदस्य के वोट गिने गए।
इस दौरान मतगणना स्थल (कालेज) पुलिस छावनी में तब्दील रहे। समर्थकों को मतगणना केंद्र से 200 मीटर पहले बैरियर लगाकर रोक दिया गया।
सिर्फ
प्रत्याशी व एजेंट ही अंदर पहुंच पाए। मतगणना के दौरान बैरियर से बाहर
जुटे समर्थकों में नतीजे जानने को बेचैनी रही। प्रशासन की सख्ती के बावजूद
तमाम प्रत्याशी व एजेंट मोबाइल फोन के साथ गिनती में पहुंचे।
फोन
पर जैसे ही किसी प्रत्याशी के जीत की खबर मिलती बाहर समर्थकों के नारे गूंज
उठते। अधिकांश ब्लाकों में पहले चक्र में प्रत्येक न्याय पंचायत के दो-दो
गांव के नतीजे लगभग 10 बजे घोषित हो चुके थे।
इसके बाद जैसे-जैसे
गणना पूरी होती गई प्रत्याशी समर्थकों के साथ गांव को कूच करते रहे। बड़ोखर
खुर्द व नरैनी ब्लाक में जीत के जोश में बैरियर से आगे बढ़ रहे समर्थकों
को हटाने में पुलिस से झड़प हुई।
पुलिस ने डंडे भांजकर उन्हें
खदेड़ दिया। जीत के बाद प्रत्याशी सबसे पहले गांव पहुंच कर देव स्थानों पर
जाकर माथा टेकते रहे। प्रत्याशियों और समर्थकों ने खुशी में मिठाई बांटी।
बबेरू,
कमासिन, बिसंडा, तिंदवारी, जसपुरा, नरैनी, गिरवां (महुआ), राजादेवी डिग्री
कालेज (बड़ोखर खुर्द) मतगणना केंद्रों में दिन भर मेला जैसा नजारा रहा।
शांतिपूर्वक मतगणना निपटने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।