फोटो 14- महेश्वरी देवी चौक पर लगी करवा की दुकानें। संवाद
बांदा। करवाचौथ को लेकर बाजार सजने लगा है। महिलाओं के लिए बाजार में रंग-बिरंगे मिट्टी के करवे सज गए हैं। दुकानों पर साड़ी, चूड़ी, बिंदी और शृंगार के सामान की चमक देखते ही बन रही है।
परंपरा और पसंद का यह मेल बाजार को त्योहार के रंग में रंग रहा है। बाजार में मिट्टी के करवे 50 से 100 रुपये तक में उपलब्ध हैं। आकार, रंग और सजावट के हिसाब से इनके दाम अलग-अलग हैं। सामान्य करवे के साथ रंगीन और डिजाइनदार विकल्प भी महिलाओं को आकर्षित कर रहे हैं।
चांद देखने के लिए इस्तेमाल होने वाली छन्नी भी कई रूप में उपलब्ध है। साधारण छन्नी की कीमत 10 रुपये से शुरू होकर 150 रुपये तक पहुंच रही है। कहीं रंगीन किनारों वाली छन्नी है तो कहीं मोती, गोटा और लटकन से सजे विकल्प महिलाओं की पसंद बन रहे हैं। शहर के महेश्वरी देवी चौक पर करवा की दुकानें सजी हैं। बर्तन की दुकानों के बाहर पीतल के करवे भी सज गए हैं।
मिट्टी के पारंपरिक करवों के साथ पीतल के करवे भी बाजार में अपनी जगह बनाए हुए हैं। वजन, आकार और नक्काशी के आधार पर इनकी कीमत में अंतर है। बाजारों में सामान्य पीतल के करवे करीब 700 से 1500 रुपये तक में उपलब्ध हैं।
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साड़ी से चूड़ी तक पसंद का रंग
करवाचौथ पर पूजा की तैयारी के साथ सजने-संवरने का उत्साह भी बाजार में दिखाई दे रहा है। साड़ी और सूट की दुकानों पर महिलाएं अपने पसंदीदा रंग और डिजाइन तलाश रही हैं। लाल, मैरून और गुलाबी जैसे पारंपरिक रंगों के साथ अन्य रंगों के परिधान भी पसंद किए जा रहे हैं। कपड़ों से मेल खाती चूड़ियां, कंगन, बिंदी, लिपस्टिक और आभूषण खरीदने में महिलाएं समय दे रही हैं। कई महिलाएं पूरे परिधान के साथ शृंगार का सामान चुन रही हैं।