बड़ोखर बुजुर्ग। खेत में खड़ी तिल की फसल सूखने का
सदमा किसान को बर्दाश्त नहीं हुआ। कर्ज और बेटी की शादी को लेकर वह पहले से
ही तनाव में था। खेत से लौटने के बाद उसे दिल का दौरा पड़ा। कुछ ही देर
में उसकी मौत हो गई। प्रशासन से राहत राशि के नाम पर सिर्फ 786 रुपये का
चेक मिला था। नवरात्र में उसे बेटी का वरीक्षा करना था।
सदर तहसील
के पड़ुई गांव के सत्य नारायण प्रजापति (50) के पास पांच बीघे पट्टे की
जमीन है। उसने तिल की फसल बोई थी। बारिश न होने से फसल सूख गई। पिछली फसल
भी ओलावृष्टि से चौपट हो गई थी। शुक्रवार को सुबह वह खेत में गया था।
फसल
की हालत देखकर गहरा सदमा लगा। वह घर लौटा और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो
गई। परिजनों ने बताया कि उसने स्टेट बैंक अतर्रा ब्रांच से केसीसी से 49
हजार रुपया कर्ज ले रखा था। उसके तीन पुत्रियां और एक पुत्र हैं। पुत्री
प्रियंका (21) की शादी महोखर गांव में तय की थी।
नवरात्र में
वरीक्षा होना था। सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने मृतक के घर जाकर परिजनों
को सांत्वना दी। उधर, इस बारे में एसडीएम विनय पाठक ने बताया कि कानूनगो के
साथ राजस्व विभाग के कर्मचारियों को मृतक किसान के गांव जांच के लिए भेजा
गया है।
रिपोर्ट आने के बाद हर संभव मदद दी जाएगी। उधर, समाजसेवी
मानसिंह की अगुवाई में ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को शनिवार को ज्ञापन दिया।
शिकायतीपत्र में कहा कि किसान की सदमे से हुई मौत को लेकर हलका लेखपाल
जिम्मेदार है। उसने मुआवजा के चेक देने में भेदभाव किया।