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Banda News: पन्ना जेल से रिहा होते ही आंदोलन का अगुवाकार फिर गिरफ्तार

Tue, 12 May 2026 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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करतल। पन्ना जेल से रिहा होते ही समाजसेवी अमित भटनागर को पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम ने दोबारा हिरासत में ले लिया है। यह गिरफ्तारी केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में हुए आंदोलन और कोर एरिया में बिना अनुमति प्रवेश से जुड़ी है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर परियोजना से जुड़े विस्थापन और आंदोलनकारियों पर होने वाली कार्रवाई को पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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अमित भटनागर को सोमवार को पन्ना जेल से रिहा किया गया था। हालांकि जेल गेट के बाहर निकलते ही पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम ने उन्हें पुनः हिरासत में ले लिया। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई डोढन गांव में हुए आंदोलन से संबंधित है, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पहुंचे थे। इस घटना के बाद वन विभाग ने मामला दर्ज किया था।



अमित भटनागर पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। उन पर आंदोलन के दौरान बिना अनुमति वन क्षेत्र में प्रवेश करने का आरोप है। यह गिरफ्तारी केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध और आदिवासियों के हक की लड़ाई को लेकर चल रहे आंदोलनों के बीच हुई है। जिससे प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है।
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परियोजना का विरोध



केन-बेतवा लिंक परियोजना दो प्रमुख नदियों को जोड़ने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। स्थानीय समुदायों और पर्यावरणविदों की ओर से विरोध किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शनों का मुख्य कारण परियोजना से होने वाला संभावित विस्थापन, वन भूमि का उपयोग और वन्यजीवों पर इसका प्रभाव है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी चिंताओं को अनसुना किया जा रहा है और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।



पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक बृजेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि वाइल्डलाइफ के कोर एरिया में बिना किसी अनुमति के प्रवेश जंगल अधिनियम के विरुद्ध है। इसकी फोटोग्राफी कराने और न्यायालय से गिरफ्तारी की अनुमति लेकर के पीओआर के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जिसके बाद अमित भटनागर को गिरफ्तार किया गया है। वाइल्डलाइफ के कोर एरिया में बिना अनुमति के प्रवेश उसको क्षति पहुंचने जैसा अपराध माना जाता है।
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